रुदौली। भाजपा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने टांडासूफी गांव में दलित उत्पीड़न का एक मामला उठाया है। उन्होंने ने एक्स पर कुछ क्षत्रिय समाज के लोगो पर दलित उत्पीड़न की बात कही है।
गांव की कृष्णा देवी पत्नी शिव प्रसाद धोबी ने 12 अप्रैल को स्थानीय थाने पर तहरीर देकर गांव के ही रामचंद्र सिंह पर अपने द्वारा किए जा रहे मंदिर निर्माण को रुकवाने तथा उन्हें जाति सूचक गलियां व निर्माण उजाड़ देने की धमकी देने का आरोप लगाया है। सुब्रमण्यम स्वामी के ट्वीट के बाद सरकारी अमला हरकत में आ गया। क्षेत्राधिकारी रूदौली आशीष निगम ने बताया कि उक्त प्रकरण में रविवार को दानों पक्षों को कोतवाली बुलाकर बातचीत की गई। पता चला कि उक्त भूमि राजस्व अभिलेख में बंजर दर्ज है तथा वहां वर्षों से रामलीला का मंचन किया जाता है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य ने बताया कि कृष्णा देवी पहले भी बंजर की जमीन पर कब्जा किया है तथा अब दोबारा कब्जे का प्रयास किया जा रहा था। रामलीला समिति के अध्यक्ष रामचंद्र सिंह ने कृष्णा देवी को उक्त भूमि पर निर्माण करने से रोका गया। बताया कि 15 अप्रैल को राजस्व टीम साथ मौके पर पहुंच कर मामले का निराकरण किया जाएगा।
गांव के किनारे किनारे तालाब के शक्ल में बंजर भूमि है जिस पर गांव के सभी वर्ग के लोगों का कब्जा है। ग्रामवासियों की मानें तो लगभग सौ बीघे की बंजर भूमि है। गांव के सभी वर्ग के लगभग दो दर्जन से अधिक लोगों द्वारा मकान बना कर कब्जा कर लिया गया है। गांव में स्थित बंजर भूमि पर बड़े-बड़े मकान खड़े हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कार्यवाही हो तो सभी पर हो अन्यथा किसी एक व्यक्ति पर कार्यवाही न्यायोचित नहीं है।