अयोध्या। मेडिकल कॉलेज के संविदाकर्मी प्रभुनाथ मिश्रा की मौत मामले में अब नया मोड़ आया है। इसकी जांच का छींटा अब एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी पर पड़ रहा है। इस बार पीड़ित परिजनों ने उन दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
हैदरगंज क्षेत्र के बिंदा मिश्र का पुरवा पछियाना निवासी प्रभुनाथ मिश्र मेडिकल कॉलेज में संविदाकर्मी थे। 29 जुलाई, 2024 को मेडिकल कॉलेज की 2020 बैच की छात्राओं ऋतु व निर्मला कुमावत से उनका विवाद हो गया था। सात अगस्त को उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। अगले दिन लखनऊ में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। प्रभुनाथ के परिजनों ने तत्कालीन प्रधानाचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार पर प्रभुनाथ के उत्पीड़न का आरोप लगाया था। न्यायालय के आदेश पर डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार व दोनों छात्राओं के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। तत्कालीन प्राचार्य को शासन से संबद्ध किया गया है। मामले की विवेचना अभी जारी है। इस बीच परिजनों ने प्रमुख सचिव गृह को एसपी सिटी के खिलाफ शिकायती पत्र दिया है।
इसमें उन्होंने विवेचना में पक्षपातपूर्ण दबाव, धमकी व मृतक के पिता को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। पत्र का संज्ञान लेकर प्रमुख सचिव गृह ने एसएसपी से मामले की जांच कराकर कार्रवाई का निर्देश दिया है। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि प्रकरण पुराना है। मामले की जांच करवाकर शासन को अवगत कराया जाएगा।