अयोध्या। नशीले कफ सिरप सिंडिकेट की जांच के दौरान अयोध्या की एक फर्म का नाम आने पर स्टेट जीएसटी की टीम अलर्ट हो गई है। संबंधित फर्म की कुंडली खंगालने के लिए विशेष टीम लगाई गई है। यह टीम फर्म के पंजीकरण से लेकर अब तक की समस्त गतिविधियों का डाटा जुटा रही है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम कोडिनयुक्त कफ सिरप सिंडिकेट की जांच कर रही है। इस दौरान मुख्य आरोपियों में शामिल शुभम जायसवाल के परिजन की फर्म से दो करोड़ रुपये अयोध्या की एक कंपनी को ट्रांसफर करने के सुराग मिले हैं। आशंका है कि इन्हीं रुपयों से लैंडक्रूजर गाड़ी खरीदकर पूर्वांचल के माफिया को उपहार स्वरूप दी गई है।
इसका खुलासा होने के बाद अयोध्या जोन के राज्य कर विभाग के अधिकारियों के कान खड़े हो गए हैं। अधिकारियों ने सोमवार को दफ्तर खुलते ही संबंधित फर्म की कुंडली खंगलवाई है। पंजीकरण के समय से लेकर अब तक हर साल के आय-व्यय, जमा किए गए कर का विवरण, दाखिल किए इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर), इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) आदि की पड़ताल की जा रही है। अब तक की जांच में ही कई विसंगतियां सामने आने की जानकारी मिल रही है।
माफिया के नाम पर दिखाते हैं धाैंस फर्म संचालक मूलरूप से अंबेडकरनगर जिले के भियांव ब्लॉक के मसौड़ा क्षेत्र का रहने वाला है। वह अपने आपको पूर्वांचल के एक माफिया का करीबी रिश्तेदार बताता है। सूत्रों के अनुसार फर्म संचालक समय पर आईटीआर दाखिल नहीं करता। विलंब होने पर जब विभागीय कर्मचारी संपर्क साधते हैं तो वह उसी माफिया का हवाला देकर धौंस जमाता है।