अयोध्या। राम जन्मभूमि परिसर के उप मंदिरों के शिखर पर ध्वजारोहण की शृंखला के क्रम में अभी शिव, गणेश, शेषावतार व माता भगवती के मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण होना है। इसी क्रम में 11 को जहां गणेश मंदिर वहीं 15 को शेषावतार मंदिर पर ध्वजारोहण किया जाना है, जबकि शिव मंदिर पर ध्वजारोहण सीएम योगी के हाथों होना है, अभी इसकी तिथि तय नहीं हुई है।
ट्रस्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीएम योगी आदित्यनाथ इस समय असम में चुनाव के कारण व्यस्त हैं, इसलिए उनका समय नहीं मिल पाया है। असम में नौ अप्रैल को मतदान होना है, इसके बाद ही सीएम योगी अयोध्या दौरे पर आ सकते हैं। मंदिर समिति की ओर से ध्वजारोहण के लिए पहले से तय की गई तिथियों में बदलाव करते हुए अब 29 अप्रैल, एक मई और तीन मई की नई तिथियां प्रस्तावित की गई हैं। समिति को उम्मीद है कि इन तिथियों में से किसी एक दिन मुख्यमंत्री की सहमति मिलते ही भव्य ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न कराया जाएगा।
आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री के हाथों ध्वजारोहण होने से कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ जाएगी। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर भी समन्वय बनाया जा रहा है, ताकि जैसे ही तिथि तय हो, सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी की जा सकें।
ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि 15 अप्रैल को शेषावतार मंदिर के शिखर पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के हाथों ध्वजारोहण कराया जाएगा। यह कार्यक्रम लगभग तय है। वहीं माता भगवती के मंदिर के शिखर पर मंदिर आंदोलन में अहम योगदान देने वाली साध्वी ऋतंभरा के हाथों ध्वजारोहण कराया जाना है। अभी इसकी तिथि तय नहीं हुई है।