अयोध्या। राम मंदिर में पहली बार दीपोत्सव की पूरी जिम्मेदारी ट्रस्ट और विभिन्न एजेंसियों के कर्मचारियों को सौंपी गई है। दीप सजाने से लेकर उन्हें प्रज्ज्वलित करने तक का काम मंदिर का अपना परिवार करेगा। इसमें करीब 1500 कर्मचारी अपने रक्त संबंधी परिजनों के साथ शामिल होंगे। अब तक दीपोत्सव की तैयारियों में बाहरी संस्थाओं और अवध विश्वविद्यालय के छात्रों की मदद ली जाती रही है।
राम मंदिर में दीपोत्सव की तैयारियों की कमान ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि ने संभाल ली है। बृहस्पतिवार को अयोध्या पहुंचे गोविंद देव गिरि ने मंदिर परिसर में तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में ट्रस्ट के सचिव जगदीश आफले, सीईओ एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र और विहिप के महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा भी मौजूद रहे।
इस बार मंदिर परिसर में एक लाख दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इन्हें सजाने और जलाने की जिम्मेदारी परिसर में कार्यरत करीब 1500 कर्मचारियों को दी गई है। पहली बार कर्मचारियों को रक्त संबंधी परिजनों के साथ उत्सव में शामिल होने का अवसर मिलेगा। परिसर में मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा।
गर्भगृह में 11 हजार विशेष दीप होंगे रोशन : रामलला के गर्भगृह को आलोकित करने के लिए 11 हजार विशेष दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इनकी बनावट और व्यवस्था इस तरह की जा रही है कि दीपों से निकलने वाला तेल फर्श पर न गिरे और धुएं से दीवारों पर कालिख न जमे। गोविंद देव गिरि ने बताया कि इस बार राम मंदिर का पूरा परिवार मिलकर दीपोत्सव मनाएगा। किसी बाहरी संस्था का सहयोग नहीं लिया जा रहा है। (संवाद)