अयोध्या। नायब तहसीलदार नगर की कोर्ट में चल रहे मुकदमे में जारी नोटिस पर फर्जी रिपोर्ट लगाने के मामले में आरोपी तहसील सदर कर्मी बलराम को अदालत से राहत नहीं मिल पाई है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सुरेंद्र मोहन सहाय ने आरोपी के विरुद्ध दर्ज रिपोर्ट में विवेचना प्रचलित होने व अपराध की गंभीरता को देखते हुए बृहस्पतिवार को अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
रिपोर्ट के अनुसार, थाना महाराजगंज क्षेत्र के मड़ना गांव निवासी रजवंत सिंह व राम धीरज के मध्य नायब तहसीलदार नगर की अदालत में मुकदमा चल रहा था। उसी मुकदमे में जारी नोटिस पर तहसील कर्मी नायब नाजिर बलराम श्रीवास्तव ने रजवंत का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर कोर्ट में दाखिल कर दिया। मामले में बलराम, शेषराज, मनोज, राजमणि, शिवपूजन, धर्मेंद्र, बजरंगी के खिलाफ सीजेएम के आदेश पर कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। बलराम ने स्वयं को बेकसूर बताते हुए रजवंत सिंह के घर पर जाकर हस्ताक्षर बनवाने का तर्क दिया और अग्रिम जमानत स्वीकार करने की अपील की। एडीजीसी फौजदारी ने अग्रिम जमानत का विरोध किया।