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Ayodhya News: इलाज के दौरान किशोरी की मौत, कटघरे में पुलिस

Wed, 18 Jun 2025 10:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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अयोध्या। रामजन्मभूमि क्षेत्र में खुद को आग लगाने वाली किशोरी की बुधवार की सुबह मेडिकल काॅलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद नियमों का अनुपालन न करने के आरोप में अब पुलिस भी कटघरे में खड़ी हो गई है। हालांकि पुलिस ने एक अज्ञात युवक के खिलाफ केस दर्ज करके छानबीन शुरू की है। थानाध्यक्ष के भूमिका की जांच का दावा भी किया जा रहा है।
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सोमवार की सुबह रामजन्मभूमि क्षेत्र की 17 वर्षीय एक किशोरी घर से लापता हो गई। परिजनों ने पुलिस को सूचित किया तो उन्होंने बगैर केस दर्ज किए बरामदगी का प्रयास शुरू कर दिया। रात में लगभग दो बजे किशोरी को झांसी से लाकर परिजनों को सौंप दिया गया। इसके पीछे परिजनों की ओर से कोई कार्रवाई न चाहने का तर्क दिया गया। जबकि, लोगों को कानून का पाठ पढ़ाने वाली पुलिस खुद कानून निभाना भूल गई। कानूनन पुलिस को किसी नाबालिग को सीधे तौर परिजनों को सुपुर्द करने का अधिकार ही नहीं है।
इसके लिए उसे वन स्टॉप सेंटर भेजना चाहिए था, जहां से काउंसिलिंग व रात गुजारने के बाद किशोरी को अगले दिन बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाता। यदि किशोरी स्वेच्छा से परिजनों के पास जाना चाहती तो उसे अनुमति दी जाती, अन्यथा अन्य संस्थाओं को सुपुर्द किया जाता, जहां मानसिक रोग विशेषज्ञों की टीम उसकी काउंसलिंग करती। इस प्रक्रिया के बारे में पुलिस को भी विधिवत जानकारी है, लेकिन इसका पालन नहीं किया गया। नतीजतन किशोरी की जीवनलीला समाप्त हो गई।
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सीओ आशुतोष तिवारी ने बताया कि नियमत: कानून का पालन नहीं किया गया है। इसलिए मामले की जांच कराई जाएगी। किशोरी के परिजनों ने एक मोबाइल नंबर पर संदेह जताया है, जिससे किशोरी अक्सर बात करती थी। मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है। सीडीआर खंगालकर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
रामजन्मभूमि थाना से पूर्व उपनिरीक्षक अभिमन्यु शुक्ला इनायतनगर थानाध्यक्ष थे। उस समय भी उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए थे। नवंबर में महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन की ओर से उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए एसएसपी को पत्र भेजा गया था। इसमें जिक्र था कि पॉक्सो एक्ट के मामले में पीड़ित को बाल कल्याण समिति के नहीं प्रस्तुत किया गया। वहीं एक अन्य मामले में प्रारंभिक आंकलन रिपोर्ट नहीं भेजी गई। पुलिस उपमहानिरीक्षक ने मामले की जांच कराकर आख्या उपलब्ध कराने को कहा था।
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