अयोध्या। शहर के वजीरगंज जप्ती के पास स्थित एक मकान में दिन दहाड़े चाकू दिखाकर जेवर लूटने की घटना संदेह के घेरे में है। अब तक पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर नहीं दी गई है। सीसीटीवी फुटेज, पीड़िता की बेटी व पड़ोसियों के बयानों आदि के आधार पर घटना की पुष्टि नहीं हो सकी है।
वजीरगंज निवासी मुशाहिद खान की पत्नी शबा ने सोमवार की दोपहर लगभग तीन बजे पुलिस और परिजनों को लूट की जानकारी दी थी। उनके अनुसार हाथ में चाकू लिए नकाबपोश तीन लोग उनके कमरे में घुस आए और उन्हें डराया-धमकाया। उन्हें मार-पीटकर अलमारी के लॉकर में रखे उनके, उनकी ननद, उनकी सास और देवरानी के जेवर लूट ले गए। घटना के समय उनके परिवार में वह अकेली थीं और उनकी लगभग पांच साल की बेटी साथ थी।
पुलिस ने मौके का जायजा लिया तो प्रथम दृष्टया घटना की सत्यता पर सवाल उठे। फिर भी कई चरणों में आसपास के लोगों से पूछताछ की गई। बगल में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए, लेकिन घटना की पुष्टि नहीं हो सकी। वहीं, पीड़ित पक्ष ने पुलिस को तहरीर भी नहीं दी, जिससे घटना पूरी तरह संदिग्ध लगने लगी।
कोतवाल अश्विनी पांडेय ने बताया कि जिस खंडहर से लुटेरों के भागने का दावा किया गया, उसके टिनशेड, झाड़ियां, पेड़ों की पत्तियां, डाल आदि देखकर ऐसी कोई आशंका नहीं लगी। किसी तरह से भागने के निशान नहीं मिले। पीड़ित पक्ष ने तहरीर नहीं दी, जिससे जांच का दायरा बढ़ाया जा सके। आसपास के फुटेज में कोई संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई है। पीड़िता की बेटी ने किसी व्यक्ति के आने व पीड़िता की पिटाई करने आदि की जानकारी नहीं दी है।
एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि जिस कमरे में घटना होना बताया गया है, उसी के बगल में ही एक अन्य कमरे में कुछ महिलाएं मौजूद थीं। उन्होंने ऐसी किसी घटना की जानकारी होने से इन्कार किया है। इस तरह पूरी घटना काल्पनिक लग रही है, जिसकी जांच कराई जा रही है।