अयोध्या। रुदौली के एक सर्जन और उनके न्यायाधीश भाई से हज यात्रा के नाम पर लगभग 24 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने फर्जी हज कंपनी बनाकर वीजा, टिकट और अन्य सुविधाओं के नाम पर यह रकम हड़पी। इस संबंध में सहारनपुर के साइबर थाने में चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
रुदौली के डॉ. मेराज अहमद खान ने बताया कि वह और सहारनपुर में विशेष न्यायाधीश के रूप में तैनात उनके बड़े भाई मोहम्मद अहमद खान परिवार के साथ हज यात्रा पर जाने वाले थे। इसके लिए उनका संपर्क लखनऊ निवासी आमिर रशीदी, उसके बेटे फहद रशीदी और एजाज अहमद से हुआ। आरोप है कि इन लोगों ने प्रति व्यक्ति 4.75 लाख रुपये का पैकेज तय किया और अलग-अलग तारीखों में कुल 23 लाख 99 हजार रुपये अपने बैंक खाते में जमा करा लिए। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने व्हाट्सएप के माध्यम से समझौते और अन्य दस्तावेज भी भेजे, जिससे उन्हें भरोसा हो गया। हालांकि, हज यात्रा की तारीख नजदीक आने पर भी आरोपियों ने कोई टिकट या वीजा उपलब्ध नहीं कराया। उनके बड़े भाई ने कई बार टिकट व वीजा की मांग की, लेकिन आरोपी टालमटोल करते रहे।
18 अप्रैल को फहद रशीदी ने हज यात्रा पर ले जाने से साफ मना कर दिया, जिसके बाद आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया। जांच में पता चला कि अलफहद टूरिज्म कंपनी के पास हज यात्रा कराने का वैध लाइसेंस ही नहीं था। ये लोग फर्जी कंपनी और कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी करते थे। आमिर रशीदी, फहद रशीदी और एजाज अहमद ने मिलकर इस सुनियोजित धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
न्यायाधीश का आरोप और पुलिस कार्रवाई
पीड़ित न्यायाधीश मोहम्मद अहमद खान ने आरोप लगाया कि आरोपियों का एक बड़ा नेटवर्क है। यह नेटवर्क लखनऊ, अयोध्या और शाहजहांपुर सहित कई जिलों में लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है। उनकी तहरीर पर सहारनपुर के साइबर थाने में आमिर रशीदी, फहद रशीदी, ओसामा रशीदी और एजाज अहमद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस अब इस मामले की आगे की जांच कर रही है।