हस्ताक्षर अभियान चलाकर निगेटिव मार्किंग का विरोध करते विद्यार्थी।
अयोध्या। अवध विश्वविद्यालय में सम सेमेस्टर परीक्षाओं में प्रस्तावित निगेटिव मार्किंग व्यवस्था के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। बृहस्पतिवार को छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय परिसर और आईटी कैंपस गेट पर हस्ताक्षर अभियान चलाकर अपना विरोध दर्ज कराया तथा बाद में कुलसचिव को ज्ञापन सौंपते हुए एक सप्ताह के भीतर निर्णय वापस लेने की मांग की। छात्र नेता राणा आशुतोष सिंह के नेतृत्व में शुरू हुए अभियान में करीब 1500 छात्रों ने हस्ताक्षर कर निगेटिव मार्किंग के खिलाफ अपनी सहमति दर्ज कराई। छात्रों का कहना है कि पिछले कई दिनों से विभिन्न विभागों में जाकर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है और 1106 विद्यार्थियों ने लिखित आवेदन देकर भी आपत्ति दर्ज कराई है।
पुरानी अधिसूचना में नहीं था उल्लेख
विश्वविद्यालय ने 27 अक्तूबर 2025 को जारी अधिसूचना में केवल इतना उल्लेख था कि एनईपी पाठ्यक्रमों की विषम सेमेस्टर परीक्षाएं डिस्क्रिप्टिव और सम सेमेस्टर परीक्षाएं ओएमआर आधारित बहुविकल्पीय होंगी। इस अधिसूचना में निगेटिव मार्किंग का कहीं भी उल्लेख नहीं था। सूत्रों के अनुसार, लगभग एक माह पूर्व हुई परीक्षा समिति की बैठक में निगेटिव मार्किंग लागू करने का प्रस्ताव रखा गया था। संबद्ध महाविद्यालयों के कई प्राचार्यों और शिक्षकों ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि फिलहाल इस व्यवस्था को लागू करना अभी उचित नहीं है।
विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव अजय गौतम ने बताया कि सम सेमेस्टर में बहुविकल्पीय प्रणाली लागू करने का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के साथ परीक्षा और परिणाम समयबद्ध तरीके से संपन्न कराना है। निगेटिव मार्किंग को लेकर कुलपति से वार्ता की जाएगी, छात्रों से एक हफ्ते का समय मांगा गया है।
आक्टा अध्यक्ष जनमेजय तिवारी ने बताया कि विद्यार्थियों की मांग ठीक है। ऑब्जेक्टिव प्रणाली खत्म हो, विश्वविद्यालय प्रशासन जो तर्क दे रहा है कि परीक्षा और परिणाम समयबद्ध तरीके से संपन्न होगा, विभाग परीक्षा और मूल्यांकन कार्य समय कराए ऑब्जेक्टिव प्रणाली की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी।