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भदरसा दुष्कर्म कांड: दोषी राजू खान को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा, सबूत न मिलने पर सपा नेता मोईद खान बरी

Thu, 29 Jan 2026 04:51 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

अयोध्या के बहुचर्चित भदरसा दुष्कर्म कांड मामले में कोर्ट ने दोषी राजू खान को 20 साल कठोर कारावास की सजा सुना दी है। मामले में 29 जुलाई, 2024 को पूराकलंदर में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। अभियुक्त राजू खान पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं साक्ष्य के अभाव में सपा नेता मोईद खान बरी हो गए। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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सुप्रीम कोर्ट का फैसला
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विस्तार
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यूपी के अयोध्या में पूराकलंदर थाना क्षेत्र के भदरसा दुष्कर्म कांड में मुख्य आरोपी राजू खान को 20 साल के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया गया है। दोषी पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगा है। वहीं, साक्ष्य के अभाव में सपा नेता मोईद खान को बरी कर दिया गया है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम निरुपमा विक्रम ने बृहस्पतिवार को सुनाया है।

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अभियोजन के अनुसार, घटना पूराकलंदर क्षेत्र की वर्ष 2024 की है। किशोरी खेत में काम करने गई थी। राजू उसे मोईद खान की बेकरी पर काम करने ले गया। वहां मोईद ने उससे दुष्कर्म किया। राजू ने मोईद खान की मोबाइल से वीडियो बनाई। उसके बाद राजू ने भी दुष्कर्म किया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे कई बार दुष्कर्म किया गया। इससे वह गर्भवती हो गई। उसकी तबियत खराब होने पर इसकी जानकारी हुई। किशोरी के मां की तहरीर पर 29 जुलाई, 2024 को पूराकलंदर में राजू खान व मोईद खान के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई।

उप निरीक्षक रतन शर्मा व देवेंद्र सिंह ने इसकी विवेचना की। विवेचना के बाद सपा नेता मोईद अहमद व उसके नौकर राजू खान के विरुद्ध किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया। विशेष लोक अभियोजक ने पीड़िता, उसकी मां, स्कूल की प्रधानाचार्या, पीड़िता के मेडिकल व इलाज करने वाले सात डॉक्टर सहित 13 गवाहों को परीक्षित कराया।

पीड़िता ने दिया था यह बयान

अदालत में पीड़िता ने बयान दर्ज कराया कि वह खेत पर काम करने जा रही थी। तभी राजू आया और काम करने के लिए मोईद खान की बेकरी पर बुलाकर ले गया। बेकरी में पीछे के कमरे में मोईद ने उससे दुष्कर्म किया। राजू ने इसकी वीडियो बना ली। जब वह कपड़े पहन रही थी, तभी राजू खान ने भी उससे दुष्कर्म किया। 

वीडियो वायरल करने व कहीं पर शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देकर दो माह तक उसका शारीरिक शोषण किया गया। गर्भवती होने पर उसकी मां को जानकारी हो गई। लखनऊ के अस्पताल में उसका गर्भपात कराया गया। 

पीड़िता की मां ने बयान दिया कि बेटी के साथ हुए दुष्कर्म की शिकायत मोईद अहमद के बेकरी पर जाकर की तो उसे दो हजार रुपये देकर गर्भपात कराने का दवाब बनाया गया। कहीं शिकायत करने पर जान से मरवाने की धमकी दी। बचाव पक्ष से तर्क दिया गया कि राजू खान मोईद अहमद का नौकर नहीं है।
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डीएनए टेस्ट बना सजा का आधार

पीड़िता व आरोपियों के डीएनए की जांच कराई गई। इसकी रिपोर्ट में पीड़िता व आरोपी राजू खान का डीएनए मैच हो गया। पीड़िता व राजू खान को बायोलॉजिकल माता-पिता होने की रिपोर्ट दी गई, जो राजू को सजा दिलाने में अहम साबित हुई।

सपा नेता का नाम आने से सुर्खियों में था मामला

सामूहिक दुष्कर्म के मामले में सपा नेता मोईद खान का नाम प्रकाश में आने से यह मामला सुर्खियों में रहा। मोईद खान के साथ सांसद अवधेश प्रसाद की फोटो वायरल हुई तो मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को सदन में उठाकर सपा को घेरा। कई दलों के नेता पीड़िता के घर पहुंचने लगे। मोईद की संपत्तियों की जांच कर कार्रवाई हुई। वहीं, शुक्रवार को फैसला आने के बाद से सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा छाया रहा।
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