उप निरीक्षक रतन शर्मा व देवेंद्र सिंह ने इसकी विवेचना की। विवेचना के बाद सपा नेता मोईद अहमद व उसके नौकर राजू खान के विरुद्ध किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया। विशेष लोक अभियोजक ने पीड़िता, उसकी मां, स्कूल की प्रधानाचार्या, पीड़िता के मेडिकल व इलाज करने वाले सात डॉक्टर सहित 13 गवाहों को परीक्षित कराया।
पीड़िता ने दिया था यह बयान
अदालत में पीड़िता ने बयान दर्ज कराया कि वह खेत पर काम करने जा रही थी। तभी राजू आया और काम करने के लिए मोईद खान की बेकरी पर बुलाकर ले गया। बेकरी में पीछे के कमरे में मोईद ने उससे दुष्कर्म किया। राजू ने इसकी वीडियो बना ली। जब वह कपड़े पहन रही थी, तभी राजू खान ने भी उससे दुष्कर्म किया।
वीडियो वायरल करने व कहीं पर शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देकर दो माह तक उसका शारीरिक शोषण किया गया। गर्भवती होने पर उसकी मां को जानकारी हो गई। लखनऊ के अस्पताल में उसका गर्भपात कराया गया।
पीड़िता की मां ने बयान दिया कि बेटी के साथ हुए दुष्कर्म की शिकायत मोईद अहमद के बेकरी पर जाकर की तो उसे दो हजार रुपये देकर गर्भपात कराने का दवाब बनाया गया। कहीं शिकायत करने पर जान से मरवाने की धमकी दी। बचाव पक्ष से तर्क दिया गया कि राजू खान मोईद अहमद का नौकर नहीं है।