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Ayodhya News: सपा पार्षदों का बहिष्कार, विशेष सत्र में महिला आरक्षण पर गरमाई बहस

Sat, 25 Apr 2026 09:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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नगर निगम के विशेष सत्र में मौजूद महापौर व अन्य।
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अयोध्या। नगर निगम के विशेष सत्र में महिला आरक्षण को लेकर जहां एक ओर सत्तापक्ष और महिला पार्षदों ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला, वहीं समाजवादी पार्टी के पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर सियासी तापमान बढ़ा दिया। एक ओर सत्तापक्ष ने इसे नारी सशक्तिकरण से जोड़ा, तो दूसरी ओर सपा ने इसे राजनीतिक एजेंडा बताते हुए बहिष्कार कर दिया। बहिष्कार के बावजूद सदन में निंदा प्रस्ताव बहुमत से पारित कर दिया गया।
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गांधी सभागार में आयोजित सत्र में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के समर्थन को लेकर चर्चा होनी थी, लेकिन सपा पार्षदों ने बैठक की प्रक्रिया और एजेंडे पर सवाल उठाते हुए हिस्सा नहीं लिया। महापौर गिरीश पति त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुए इस सत्र में मौजूद पार्षदों ने कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके जैसे दलों की आलोचना करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। इस दौरान उपसभापति संतोष सिंह, वरिष्ठ पार्षद बृजेंद्र सिंह, अनिल सिंह, सूर्यकुमार तिवारी, सुशील मिश्र, नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार, अपर नगर आयुक्त भारत भार्गव, सुमित कुमार, जयनारायण सिंह और ज्ञान केसरवानी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।



बैठक की सूचना और एजेंडे पर सपा का विरोध

सपा पार्षद दल के नेता विजय पाल ने कहा कि बैठक की सूचना अचानक शाम को दी गई और अगले दिन सत्र बुला लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक में केवल नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा रखी गई, जबकि नगर के विकास कार्यों और जनसमस्याओं पर चर्चा के लिए निगम कभी विशेष सत्र नहीं बुलाता। इसी कारण सपा के सभी सत्रह पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार किया। पुरुषोत्तम नगर वार्ड की पार्षद ज्ञानमती ने भी कहा कि नगर निगम को जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए, न कि केवल राजनीतिक विषयों पर सत्र आयोजित करना चाहिए।
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इनसेट-

सपा के बहिष्कार के बावजूद सदन में मौजूद पार्षदों ने निंदा प्रस्ताव को बहुमत से पारित कर दिया। नगर निगम में भाजपा के 27 पार्षद पहले से हैं और 10 नामित पार्षदों के जुड़ने से उनकी संख्या और बढ़ गई है। इसके अलावा 10 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन भी सत्तापक्ष को मिला, जिससे प्रस्ताव आसानी से पास हो गया।

पार्षद अर्चना श्रीवास्तव की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव का समर्थन गरिमा मौर्य सहित अन्य पार्षदों ने किया। वक्ताओं ने महिला आरक्षण का विरोध करने वाले दलों पर महिलाओं को समान अधिकार न देने का आरोप लगाया। सत्र में मौजूद महिला पार्षदों ने नगर निगम की ओर से महिलाओं के लिए किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया। शक्ति रसोई, आवास योजना, सोलर दीदी योजना, स्वच्छता अभियान और नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण जैसे कार्यों में महिलाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया गया। इसके अलावा नगर निगम की ओर से बन रहे 70 नए आंगनबाड़ी केंद्रों का भी उल्लेख हुआ। पार्षद मनीषा यादव ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए कई अन्य योजनाएं भी चल रही हैं। कौशल्या सदन और वर्किंग वूमेन हॉस्टल का निर्माण प्रगति पर है। पिंक टॉयलेट योजना के तहत 2000 फाइबर टॉयलेट स्थापित किए गए हैं। महिला पार्षदों के लिए अलग कक्ष का प्रावधान भी किया गया है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से 5537 महिलाओं को ऋण वितरित किया गया है।
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