फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ayodhya News: साहब, इतनी मेहनत से फसल उगाई, चार रुपये किलो बेचना पड़ रहा टमाटर

Sat, 22 Feb 2025 07:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
विज्ञापन
विज्ञापन
बीकापुर। टमाटर की खेती इस बार किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रही है। महाकुंभ में आ रही भीड़ के कारण लागू किए गए डायवर्जन से व्यापारियों के वाहन किसानों के खेत में टमाटर खरीदने नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे परेशान किसान चार रुपये किलो टमाटर बेचने को मजबूर हैं।
विज्ञापन


महाकुंभ के दर्शनार्थियों की भीड़ और जगह-जगह सड़कों पर जाम होने के चलते व्यापारियों के वाहनों को पहुंचने में दिक्कत हो रही है। खेतों में तैयार हुई फसल किसान औने-पौने दाम पर बेचने पर मजबूर हो गए हैं। टमाटर किसान राकेश वर्मा, मनोहर लाल वर्मा, लालमणि निषाद, जितेंद्र तिवारी, आदि किसानों ने बताया कि पहले की अपेक्षा व्यापारियों के वाहन सीमित मात्रा में आ रहे हैं। खेत में तैयार हुआ टमाटर चार रुपये प्रति किलो बेचना पड़ रहा है। 25 किलो का एक कैरेट टमाटर 80 रुपये से 100 रुपये तक बिक रहा है। पिछले वर्ष 20 से 25 रुपये प्रति किलो 500 से 600 रुपये कैरेट टमाटर की बिक्री हुई थी।
बताया गया कि किसानों ने 2000 बीघा क्षेत्रफल में इस बार टमाटर की फसल उगाई गई है। पिछले वर्ष करीब 300 एकड़ में टमाटर की फसल तैयार की गई थी। इस वर्ष मौसम अनुकूल होने तथा कोहरा न पड़ने के चलते फसल रोग ग्रस्त नहीं हुई है। पैदावार भी काफी अच्छी हुई है।
विज्ञापन




बिचौलिए भी हुए सक्रिय

टमाटर का सीजन शुरू होते ही पहले की तरह इस बार भी बिचौलिए सक्रिय हो गए हैं। वह टमाटर किसानों से संपर्क करके व्यापारियों को बिकवाते हैं। बदले में 10 से 20 रुपये तक प्रति कैरेट कमीशन लेकर सीजन में मोटा मुनाफा कमाते हैं। स्थानीय स्तर पर मंडी न होने के चलते टमाटर किसानों को उत्पाद बेचने में दिक्कत होती है। नगर पंचायत अध्यक्ष राकेश पांडे राना ने बताया कि स्थाई सब्जी मंडी के लिए नगर पंचायत क्षेत्र में भूमि का चिन्हांकन किया गया है। मांग पत्र एवं प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।



सेमरा निवासी किसान लालता प्रसाद वर्मा ने बताया कि 12 बीघा खेत में टमाटर की फसल तैयार है लेकिन व्यापारी नहीं आ रहे हैं। मजबूरी बस चार रुपये किलो टमाटर बेचना पड़ रहा है। नसीरपुर मूसी निवासी लालमणि निषाद ने बताया कि स्थानीय स्तर पर मंडी न होने और इस बार बाहर के व्यापारियों के वाहन न आने से बिचौलियों दलालों के माध्यम से 80 रुपये प्रति कैरेट टमाटर बिक्री करना पड़ रहा है। .शेरपुर पारा निवासी प्रेम बर्मा ने बताया कि व्यापारियों का वाहन ना आने के कारण खरीदार नहीं मिल रहे हैं। रसूलपुर मठिया निवासी टमाटर किसान अनिल वर्मा ने बताया कि फसल तैयार होने के बाद उचित दाम नहीं मिल पा रहा है। बिलारी माफी निवासी किसान रामनाथ निषाद ने बताया कि दाम काफी कम मिल रहा है। टमाटर किसानों के लिए स्थानीय स्तर पर अस्थाई मंडी की व्यवस्था होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें