अयोध्या। जिले में खरीफ अभियान-2025 के अंतर्गत उर्वरकों की कालाबाजारी, ओवररेटिंग और यूरिया के साथ अन्य उत्पादों की जबरदस्ती टैंगिग किए जाने के आरोप में अब तक 54 उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी की गई है। नौ उर्वरक विक्रेताओं का उर्वरक प्राधिकार पत्र निलंबित कर दिया गया है। छह उर्वरक विक्रेताओं का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।
यह जानकारी जिला कृषि अधिकारी ओपी मिश्र ने डीएम निखिल टीकाराम फुंडे की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई उर्वरक निगरानी समिति की बैठक में दी। डीएम ने जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी, ओवररेटिंग और यूरिया के साथ अन्य उत्पादों की जबरदस्ती टैंगिग को रोकने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ ही सभी खंड विकास अधिकारी और उप जिलाधिकारी को सतत निगरानी किए जाने के लिए आदेश पत्र जारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में आवंटित लक्ष्यों की तुलना में संस्थावार उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा की गई। कृषि विभाग के अधिकारियों ने सहकारिता व निजी क्षेत्र में लक्ष्य के सापेक्ष उर्वरक की उपलब्धता का विवरण बताया। डीएम ने कहा कि जिन समितियों पर यूरिया की उपलब्धता शून्य है, वहां तत्काल उपलब्ध कराया जाए। सहायक आयुक्त व सहायक निबंधक सहकारिता राज कुमार शुक्ल ने बताया कि छह समितियों पर सोमवार को यूरिया की आपूर्ति सुनिश्चित कराते हुए अन्य 12 समितियों पर मंगलवार को कृभको यूरिया की आने वाली रैक से आपूर्ति करा दी जाएगी।
डीएम ने कहा कि जिन समितियों पर स्टॉक एक-दो दिन में समाप्त होने वाला है, वहां भी यूरिया की आपूर्ति रैक से सीधे सुनिश्चित कराएं। किसानों को डीएपी के स्थान पर एनपीके उर्वरक के प्रयोग के लिए प्रोत्साहित करने के लिए निर्देशित किया। नैनो यूरिया व नैनो डीएपी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए सहकारिता विभाग के साथ ही कृषि विभाग को जिम्मेदारी सौंपी। बैठक में उप कृषि निदेशक डाॅ. पीके कनौजिया, पीसीएफ के जिला प्रबंधक अनूप सोनी, उर्वरक विक्रेता रामफेर, देवेंद्र अग्रवाल, मुकेश जायसवाल व विमल पांडेय मौजूद रहे।