अयोध्या। राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम मंदिर के परकोटा में 31 मई को भोलेनाथ विराजमान होंगे। जितनी भी मूर्तियां स्थापित हो गई हैं, उनकी प्राण प्रतिष्ठा के लिए तीन जून से अनुष्ठान शुरू होगा। पांच जून को प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। राम जन्मभूमि परिसर में सभी मंदिरों और अन्य स्थानों पर दो माह के भीतर श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन की अनुमति दे दी जाएगी।
भवन निर्माण समिति की बैठक दूसरे दिन शनिवार को भी जारी रही। बैठक के पहले समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान राम मंदिर निर्माण के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंदिर अब अपनी पूर्णता की ओर है। परकोटा का 90 फीसदी काम जुलाई तक पूरा हो जाएगा। केवल एक मार्ग छोड़ा जाएगा, जिसे सबसे अंत में बंद किया जाएगा। क्रेन व निर्माण कार्य में लगे अन्य वाहनों के आने व जाने के लिए रास्ता छोड़ा गया है। 2025 के अंत तक राम मंदिर के सभी निर्माण पूरे कर लिए जाएंगे। हम लोग पूरी तरह से आशावान हैं कि लक्ष्य प्राप्त करते हुए मंदिर का निर्माण कार्य दिसंबर 2025 तक पूरा हो जाएगा।
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम जन्मभूमि में संग्रहालय और सभागार का काम अभी शुरू हुआ है। इसका काम अप्रैल 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। श्रद्धालु अप्रैल 2026 से संग्रहालय का अवलोकन कर सकेंगे। वहीं, मंदिरों के शिखर को स्वर्ण मंडित करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। कारीगरों का कहना है कि जितना सोना वो लेकर आए हैं, उससे एक किलो सोना अधिक लग सकता है। यह सोना मुंबई के एक भक्त की ओर से भेंट किया गया है।