अयोध्या। गोवंश तस्करी के दोष सिद्ध अभियुक्त अब्दुल राशिद को सात साल के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया गया है। साथ ही पांच लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश / एफटीसी द्वितीय रवि कुमार गुप्ता ने शुक्रवार को सुनाया है। एक अन्य अभियुक्त मो़ शादाब को सबूत के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 22 जून 2021 को पटरंगा थाना के हाईवे चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार यादव, दरोगा गुलाम रसूल व हमराही सिपाहियों के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। सूचना मिली कि मथुरा का पुरवा के पास हाईवे पर एक ट्रक खड़ा है। जिसमें से दुर्गंध आ रही है। पुलिस के पहुंचने पर डीसीएम ड्राइवर व खलासी भाग गया। डीसीएम के अंदर से कोई कागजात भी नहीं मिला। डीसीएम के अंदर 15 गोवंश जिसमें बैल व सांड़ थे, मृत अवस्था में पाए गए। मृत गोवंश को जेसीबी से गड्ढा खोदवा कर दफन कराया गया।
घटना की रिपोर्ट थाना पटरंगा में डीसीएम के अज्ञात चालक व खलासी के विरुद्ध गो वध निवारण अधिनियम में दर्ज हुई । मुकदमा के विवेचक सुधाकर यादव ने विवेचना के बाद बाराबंकी जिले के रामसनेही घाट थाना क्षेत्र निवासी वाहन स्वामी अब्दुल राशिद व दरियाबाद थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव निवासी मो़ शादाब के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया गया। न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद सबूत व गवाहों के बयान के आधार पर दोषी करार अभियुक्त अब्दुल राशिद को गो वध निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में सात साल के कठोर कारावास व पांच लाख रुपये जुर्माना से दंडित किया है।