अयोध्या। दो भाइयों पर रेलवे स्टेशन जाते समय प्राणघातक हमला करने के मामले में आरोपी दो सगे भाइयों सहित सात को सबूत के अभाव में बरी कर दिया गया। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश नवम इंद्रजीत सिंह प्रथम ने सुनाया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक घटना थाना महराजगंज क्षेत्र के कादीपुर गांव की 19 अगस्त, 2019 की है। दोपहर में करुणाकर सिंह अपने भाई प्रवीण सिंह उर्फ टनटन के साथ मोटर साइकिल से बिल्वहरिघाट रेलवे स्टेशन जा रहे थे। तभी पुरानी रंजिश को लेकर राम सेवक के पुत्र मोहन वर्मा व छोटेलाल वर्मा, राज कुमार वर्मा व डब्लू वर्मा अपने 18-20 अज्ञात साथियों के साथ मिलकर उनके ऊपर जानलेवा हमला कर दिया। मोटर साइकिल को तोड़ डाला, गाली-गलौज करते हुए मारपीट की व जान से मारने की धमकी दी।
करुणाकर के सिर पर आई चोटों से वह बेहोश होकर गिर गए, जिनका लखनऊ में इलाज कराया गया। घटना की रिपोर्ट थाना महराजगंज में दर्ज कराई गई। विवेचना के बाद नामजद आरोपियों के साथ सुरेंद्र, उदयभान व मनीष के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया गया। विचारण के दौरान वादी मुकदमा सहित तीन गवाह परीक्षित कराए गए। अदालत में करुणाकर ने बयान दिया कि उन्होंने दूसरे के कहने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्हें व प्रवीण को चोट नहीं आई थी।वहीं, प्रवीण सिंह ने घटना के समय आरोपियों को देखा जाना साबित नहीं किया।