फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अयोध्या: गैलरी नंबर 17 में जीवंत होगा श्रीराम वनगमन का दृश्य, थ्री डी-फाइव डी तकनीक से होगा अद्भुत अनुभव

Fri, 11 Sep 2026 09:07 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

रामनगरी में गैलरी नंबर 17 में श्रीराम वनगमन का दृश्य जीवंत होगा। थ्री डी-फाइव डी तकनीक से अद्भुत अनुभव मिलेगा। रामकथा संग्रहालय में 20 गैलरियां बन रही हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
रामकथा संग्रहालय। (फाइल) - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अयोध्या स्थित रामकथा संग्रहालय में रामायण के प्रसंग अब केवल चित्रों और विवरणों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से श्रद्धालुओं को उनके जीवंत अनुभव कराने की तैयारी है। संग्रहालय की गैलरी नंबर 17 में श्रीराम के वनगमन के प्रसंग को विशेष रूप से विकसित किया जा रहा है। इसमें भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वनगमन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को ध्वनि, प्रकाश और आधुनिक विजुअल तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।

विज्ञापन


श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहल पर वनगमन गैलरी की पटकथा में भी बदलाव किया जा रहा है। ट्रस्ट के सुझाव पर इसकी नई रूपरेखा तैयार की गई है। उद्देश्य है कि गैलरी में प्रवेश करने वाला श्रद्धालु केवल प्रसंगों को देखे नहीं, बल्कि उसे रामायण काल के वातावरण की अनुभूति भी हो।

थ्री डी और फाइव डी तकनीक से दिखाने की तैयारी

संग्रहालय के निदेशक डॉ. संजीव सिंह ने बताया कि केवट का श्रीराम को गंगा पार कराने का प्रसंग थ्री डी और फाइव डी तकनीक से दिखाने की तैयारी है। गंगा तट का वातावरण, नाव, जल की लहरें और पात्रों की गतिविधियों को तकनीकी प्रभावों के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को ऐसा अनुभव कराने का प्रयास होगा, जैसे वे स्वयं उस प्रसंग के साक्षी हों।

नई पटकथा में श्रीराम के वनवास के दौरान ऋषि-मुनियों से हुई मुलाकातों को भी प्रमुखता दी जा रही है। भगीरथ आश्रम, महर्षि वाल्मीकि और अगस्त्य ऋषि से श्रीराम की भेंट और संवाद को ऑडियो-विजुअल माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। जंगल का परिवेश, पेड़ों की छाया, प्राकृतिक ध्वनियां और ऋषि-मुनियों की वाणी के संयोजन से वनगमन प्रसंग को भावनात्मक रूप देने की तैयारी है।

शास्त्रीय ग्रंथों का संदर्भ लिया गया है

डॉ. संजीव सिंह के अनुसार, रामकथा संग्रहालय में कुल 20 गैलरियां तैयार की जा रही हैं। चार गैलरियां पहले से बनी हैं, जबकि शेष 16 गैलरियों की पटकथा तैयार हो चुकी है। पटकथा तैयार करने में वाल्मीकि रामायण, अध्यात्म रामायण और आनंद रामायण जैसे शास्त्रीय ग्रंथों का संदर्भ लिया गया है। संग्रहालय का सिविल कार्य पूरा हो चुका है और अब गैलरियों में तकनीकी कार्य चल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें