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सरयू का कहर : घरों में पानी, चूल्हे बंद, नाव का इंतजार

Tue, 08 Sep 2026 11:32 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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लकड़ी से चूल्हे पर बनाना पड़ रहा भोजन
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शुजागंज। सरयू का पानी लगातार बढ़ रहा है और गांवों में जिंदगी ठहर गई है। मंगलवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान 92.73 मीटर से 32 सेंटीमीटर ऊपर 93.09 मीटर पहुंच गया। आठ गांव बाढ़ की चपेट में हैं। कैथी माझा, मरौचा माझा और पटरंगा माझा में घरों के भीतर पानी घुस चुका है। महंगू का पुरवा, सराय नासिर और अब्बूपुर के संपर्क मार्ग डूब गए हैं। लोग घरों में कैद हैं और रौनाही तटबंध उनके लिए आखिरी सहारा बन गया है।
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बाढ़ ने ग्रामीणों से सिर्फ छत नहीं छीनी, बल्कि चूल्हा भी बुझा दिया है। घरों में पानी भरने से जलावन की लकड़ी भीग गई है। कई परिवारों के सामने खाना पकाने तक का संकट है। पानी के बीच रहने, खाने और सोने को मजबूर ग्रामीणों को अब जहरीले जलीय जीवों का डर भी सता रहा है। तीन बाढ़ चौकियां अब तक नहीं खुली हैं। ग्रामीणों को एक भी नाव उपलब्ध नहीं कराई गई है। ऐसे में अगर किसी घर में कोई बीमार पड़ जाए, प्रसव की स्थिति बने या रात में पानी अचानक बढ़ जाए तो ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने की व्यवस्था क्या है, इसका जवाब मौके पर दिखाई नहीं दे रहा।

तीन चौकियां बंद, ग्रामीणों की सुरक्षा भगवान भरोसे
बाढ़ खंड पास्ता माफी, पूर्व माध्यमिक विद्यालय सड़री और बरई तटबंध पर बनाई गई तीन बाढ़ चौकियां मंगलवार तक नहीं खुल सकीं। ये चौकियां बाढ़ के दौरान निगरानी और आपात स्थिति में ग्रामीणों की मदद के लिए बनाई गई हैं, लेकिन पानी बढ़ने के बावजूद इनका संचालन शुरू न होना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब्बूपुर के सुभाष शर्मा और सराय नासिर के पप्पू ने बताया कि अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो रात तक पानी घरों में और घुस जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें सबसे ज्यादा जरूरत नाव की है, ताकि आपात स्थिति में परिवारों को बाहर निकाला जा सके।
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राहत किट मिली
प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अब्बूपुर और सल्लाहपुर में 170 परिवारों को राहत सामग्री बांटी। प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा भी दिया गया। विधायक रामचंद्र यादव ने भोजन, खाद्यान्न, भूसा और दूसरी जरूरी सामग्री लगातार पहुंचाने की बात कही।
इनसेट
बाढ़ से विस्थापित आठ परिवारों को मिलेगा आवासीय पट्टा
रुदौली। सरयू नदी में बाढ़ के कारण सडरी-पसैया गांव के आठ परिवारों को अपना घर छोड़कर बंधे पर रहना पड़ रहा है। इन परिवारों को अब स्थायी आवासीय पट्टा मिलने की उम्मीद जगी है। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने एसडीएम को इन परिवारों को जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में रामकरन, कुसमा, रामचंद्र, प्रवीन, मधु, रघुराज, बुधराम और रामसरन के परिवार बंधे पर पन्नी तानकर रह रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि बंधे पर रहने के दौरान उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। स्थायी जमीन मिलने से उन्हें इस वार्षिक परेशानी से राहत मिलेगी। संवाद
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लकड़ी से चूल्हे पर बनाना पड़ रहा भोजन

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