अयोध्या। एक सप्ताह पहले दो अधिवक्ताओं के बीच न्यायालय के अंदर हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी प्रकरण में बार अध्यक्ष पारस नाथ पांडेय की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को बैठक हुई। इसमें अधिवक्ता अरविंद यादव ने अधिवक्ता नीरा यादव की ओर से किए गए दुर्व्यवहार के मामले में कार्रवाई की मांग की। वहीं दूसरी ओर नीरा यादव ने भी सदन के सामने अपनी सफाई पेश की।
बार के पूर्व मंत्री राम शंकर यादव ने दोनों अधिवक्ताओं के प्रकरण में संघ की नियमावली के अनुसार दोनों पक्षों को सुनने के बाद कार्रवाई की बात कही। अधिवक्ता राम शंकर तिवारी ने कहा कि कचहरी परिसर में सीनियर और जूनियर का सम्मान होना चाहिए। फर्जी अधिवक्ताओं की पहचान के लिए आईडी कार्ड की व्यवस्था होनी चाहिए। अध्यक्ष पारसनाथ पांडेय ने अधिवक्ता अरविंद यादव का नीरा यादव के प्रकरण में राम शंकर यादव , गिरीश तिवारी ,आलोक पाठक, मनीष मिश्रा व कार्यकारिणी सदस्य योगेश पांडेय की पांच सदस्यीय जांच कमेटी बनाया है। जो प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट को प्रस्तुत करेगी।
वहीं कचहरी परिसर में घूम रहे फर्जी अधिवक्ताओं पर नकेल कसने के लिए 11 सदस्यीय जांच कमेटी भी बनाई गई है। यह जांच कमेटी कचहरी परिसर व न्यायालयों पर वकील के ड्रेस में काम करने वालों की पहचान करेगी। जांच में पाए जाने वाले फर्जी अधिवक्ताओं के विरुद्ध अधिवक्ता संघ कठोर कार्रवाई करेगा। बैठक में मंत्री विपिन मिश्रा, कोषाध्यक्ष मुन्ना सिंह, संयुक्त मंत्री राजीव श्रीवास्तव , पूर्व अध्यक्ष विजय बहादुर सिंह, पूर्व उपाध्यक्ष राधेश्याम मिश्रा , सुनील सिंह, पूर्व मंत्री सूर्य नारायण सिंह, अधिवक्ता राम लक्ष्मण तिवारी, दिनेश सिंह मौजूद रहे।