अयोध्या। अब निजी अस्पताल, क्लीनिक, पैथोलॉजी आदि के नवीनीकरण के लिए प्रतिवर्ष लंबी प्रक्रिया व झंझावतों से राहत मिलेगी। शासन ने नवीनीकरण प्रक्रिया को आसान बना दिया है। अब इसके लिए एक ही शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। हालांकि, सत्यापन के दौरान शपथ पत्र में किए गए दावे फर्जी मिले तो कार्रवाई भी की जाएगी।
निजी अस्पतालों के नवीनीकरण के नाम पर स्वास्थ्य विभाग में खूब खेल होते रहे हैं। इसके लिए हर साल संचालकों को कागजों का पुलिंदा तैयार करना होता था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, अग्निशमन विभाग आदि से अनापत्ति प्रमाण पत्र लाकर विभाग में प्रस्तुत करना होता था। साथ ही अस्पताल के अन्य मानकों, चिकित्सकों की डिग्री आदि का ब्योरा जमा करना होता था। इसमें संचालकों को भागदौड़ करने के साथ काफी पैसा भी खर्च करना होता था।
अब सरकार ने इस प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। यदि अस्पताल का नाम, स्थान, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी आदि नहीं बदले हैं। चिकित्सकों की डिग्री में परिवर्तन आदि नहीं हुआ है तो उन्हें पूरी प्रक्रिया करने के बजाय सिर्फ एक शपथ-पत्र के जरिये इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को देना होगा। अन्य सभी विभागों का बार-बार चक्कर नहीं लगाना होगा। सीएमओ डॉ. संजय जैन ने बताया कि निजी अस्पतालों के नवीनीकरण के लिए अब लंबी-चौड़ी प्रक्रिया नहीं करना है। बस, एक शपथ पत्र देना होगा, जिसकी जांच कराकर उनका नवीनीकरण कर दिया जाएगा। यह शासन ने अच्छी सुविधा प्रदान की है।