अयोध्या। सावन के पहले सोमवार को जैसे ही सूरज की किरणें सरयू तट पर उतरने लगीं, पूरी रामनगरी 'हर-हर बम-बम' के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठी। राम की नगरी शिवमय नजर आई। करीब दो लाख भक्तों ने अयोध्या के शिवालयाें में अभिषेक-पूजन किया। हर गली, हर मंदिर, हर तट पर शिव भक्ति का उत्सव अपने चरम पर दिखा। इस दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
जय श्रीराम के जयघोष से गूंजने वाली रामनगरी में सावन के सोमवार पर सुबह चार बजे से ही हर-हर महादेव के जयकारे गूंजने लगे थे। आस्थावानों की टोलियां भगवा वस्त्रों में लिपटी, माथे पर भस्म-त्रिपुंड, हाथों में पूजा की थाल लिए शिव का जलाभिषेक करने के लिए उमड़ पड़ी। उमड़े श्रद्धालुओं ने सबसे पहले पावन सलिला सरयू में स्नान किया। इसके बाद सरयू जल भरकर नागेश्वर नाथ में जलाभिषेक के लिए कारवां निकल पड़ा। यहां करीब 500 मीटर लंबी लाइन लगी रही। भीड़ नियंत्रण के लिए श्रद्धालुओं को जत्थे में रोक-रोककर दर्शन-पूजन के लिए भेजा जा रहा था। नागेश्वर नाथ में देर शाम सजी झांकी भक्तों को सम्मोहित करती रही।
राम जन्मभूमि परिसर स्थित कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में भी वैदिक विधि-विधान पूर्वक अभिषेक-पूजन किया गया। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने सावन के पहले सोमवार पर अभिषेक किया। इसके अलावा चंद्रहरि महोदव, कोटेश्वर महादेव, दुर्गा काली दरबार, पंचमुखी महादेव गुप्तार घाट समेत अन्य शिवालयों पर दर्शन-पूजन के लिए तांता लगा रहा। प्रशासन ने पहले सोमवार को लेकर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए थे। ड्रोन से निगरानी, शिवालयों के बाहर मेटल डिटेक्टर, महिला व पुरुषों की अलग कतारें, अद्धसैनिक बल के जवानों की भ्रमणशील टोली, सब कुछ सुव्यवस्थित दिखा।
नागेश्वर नाथ में जलाभिषेक के बाद श्रद्धालु रामनगरी में भाेले की एक अन्य सिद्धपीठ क्षीरेश्वर नाथ में भी दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर में पूरे दिन भक्तों की कतार लगी रही। शिवभक्त रामलला व हनुमंतलला के दरबार में माथा टेकना नहीं भूले। जिसके चलते राममंदिर व हनुमानगढ़ी में भी सुबह से लेकर देर शाम तक जयघोष गूंजता रहा। राम मंदिर में देर शाम तक करीब 90 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका।
गोंडा के राहुल त्रिपाठी ने कहा, हर सावन के सोमवार पर वे अयोध्या आकर प्राचीन नागेश्वर नाथ व क्षीरेश्वर नाथ में अभिषेक-पूजन करते हैं। बाबा के दर्शन कर मन में अद्भुत शांति है। रामनगरी की शिव भक्ति में एक अलग ही ऊर्जा है। ऐसा लगता है मानो स्वयं राम और उनके अष्टभुजा रूप शिव भी यहीं विराजमान हैं।
बस्ती के हरैया से आए श्रद्धालु अशोक गुप्ता ने बताया कि वे पिछले सात वर्षों से सावन सोमवार पर अयोध्या आते हैं। बाबा नागेश्वर नाथ के दरबार में जल चढ़ाकर जो सुकून मिलता है, वो शब्दों में नहीं कहा जा सकता। लगता है जैसे शिव साक्षात सामने हैं। रामनगरी आकर शिव और राम दोनों के दर्शन एक साथ होते हैं।