18- महाआरती कार्यक्रम को संबोधित करते ओमप्रकाश अंदानी- संगठन
अयोध्या। रमजान मुबारक के आखिरी जुमा पर मुस्लिम समुदाय ने मस्जिदों में अलविदा की विशेष नमाज़ अदा कर दुनिया भर में अमन और भाईचारे की दुआ की। इस अवसर पर खास तौर पर बैतुल मुकद्दस की हिफाजत और दुनिया भर के मजलूम मुसलमानों के लिए दुआएं की गईं।
शहर के टाट शाह मस्जिद में शहर इमाम मौलाना शमसुल कादरी के नेतृत्व में नमाज पढ़ी गई। नमाज में ईरान-इस्राइल के बीच चल रहे युद्ध को समाप्त करने की दुआ मांगी गई। शहर इमाम ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने देश में आजादी और सलामती से रहने का हक है। उन्होंने कहा कि भारत अमन, भाईचारे और सौहार्द का देश है, जहां सभी को अपने त्योहार मनाने की आजादी है। शहर इमाम ने बेहतर व्यवस्था के लिए अयोध्या जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चांद दिखने के आधार पर ईद की तारीख तय होगी। बृहस्पतिवार को चांद दिखा तो जुमे के दिन ईद, नहीं दिखा तो शनिवार को ईद मनाई जाएगी।
वही मौलाना अहमद अली आबिदी (प्रिंसिपल नजफी हाउस मुंबई) ने अपने खिताब में कहा कि अलविदा जुमा उम्मत-ए-मुस्लिमा के लिए बेहद अहम दिन है। इस दिन मुसलमान अल्लाह की इबादत में अधिक से अधिक समय बिताते हैं और उम्मत के मसायल के हल के लिए दुआ करते हैं। मौलाना ने मुसलमानों से आपसी इत्तेहाद और भाईचारे को मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि हमें जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने लोगों को दीन की सही तालीमात पर अमल करने की नसीहत दी। कार्यक्रम में मौलाना सैयद नदीम रजा जैदी, मौलाना सैयद जाफर रज़ा आबिदी, मुनीर आबिदी, जियो हैदर, हामिद जाफर, मोहम्मद महदी और कासिमी मेहंदी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सभी ने अंत में मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे और मानवता की भलाई के लिए भी दुआ मांगी।