अयोध्या। हिंदू नववर्ष के पावन अवसर पर रामनगरी अयोध्या में विशेष धार्मिक आयोजन की तैयारी की जा रही है। नववर्ष के स्वागत में शहर के करीब आठ हजार मंदिरों में धर्मध्वजा फहराई जाएगी। इसके साथ ही घर-घर दीप जलाकर नवसंवत्सर का उत्सव मनाया जाएगा। नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर साधु-संतों और श्रद्धालुओं की ओर से रामकोट की परिक्रमा निकाली जाएगी। राम मंदिर ट्रस्ट ने इस अवसर पर पूरे शहर में धर्म ध्वज फहराने और दीप प्रज्वलित करने का आह्वान भी किया है।
रामनगरी अयोध्या में हिंदू नव वर्ष के स्वागत की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। नव संवत्सर की पूर्व संध्या, यानी 18 मार्च की शाम संत-महंत, साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र होकर रामकोट की परिक्रमा करेंगे। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के अनुसार, संत समाज की ओर से रामकोट परिक्रमा की यह परंपरा पिछले 21 वर्षों से निरंतर निभाई जा रही है। प्रतिपदा की पूर्व संध्या पर सभी संत-महंत और भक्तगण मतगजेंद्र मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वहीं से रामकोट परिक्रमा का शुभारंभ किया जाएगा।
इस दौरान संत समाज और श्रद्धालु भगवान श्रीराम से देश, समाज और सनातन धर्म की मंगलकामना करते हुए प्रार्थना करेंगे कि आने वाला नव वर्ष सभी के लिए सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। इसी अवसर पर राम मंदिर ट्रस्ट ने रामनगरी के प्रमुख मंदिरों पर धर्म ध्वज फहराने और हर घर में दीप प्रज्वलित करने का भी आह्वान किया है। साथ ही श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के उपलक्ष्य में अयोध्या के सभी मंदिरों और घरों में धर्म ध्वज फहराने की अपील की गई है। राम मंदिर समेत परिसर के सभी मंदिरों की धर्मध्वजा भी बदली जाएगी।