अयोध्या। सपा सांसद के पुत्र अजीत प्रसाद पर युवक को अगवा करके मारपीट का आरोप लगने के बाद जिले की सियासत गरमा गई है। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर आक्रोश फूट रहा है। मिल्कीपुर उपचुनाव में ब्राह्मण मतों को साधने के लिए इसे भी मुद्दा बनाने की तैयारी भाजपा नेताओं की तरफ से दिख रही है। वहीं, सपा इस मामले को राजनीति से प्रेरित बताकर पल्ला झाड़ रही है।
नगर कोतवाली में रवि तिवारी ने अजीत प्रसाद के खिलाफ जमीन विवाद में अगवा करके मारपीट व जान से मारने की धमकी के मामले में केस दर्ज कराया। जैसे ही युवक ने तहरीर दी, जिले की सियासत ने एक बार फिर से करवट ले ली। रौनाही के हाजीपुर बरसेंडी में हुई दलित की मौत के मामले में आंदोलन की चेतावनी दे चुकी सपा के दांव को फेल करने का भी भाजपा को मानो मौका मिल गया।
शनिवार से ही भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्र व पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश पांडेय समेत कई भाजपा नेता ने रवि तिवारी के समर्थन व सपा सांसद के विरोध में सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली।
माना जा रहा है कि मिल्कीपुर उपचुनाव में ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या को देखते हुए भाजपा इस मौके को भी भुनाने की पुरजोर प्रयास करेगी। ऐसा इसलिए भी कि यहां लगभग 60,000 ब्राह्मण मतदाता हैं, जबकि पासी मतदाताओं की संख्या करीब 55,000 है।