अयोध्या। बहू को बंधक बनाकर दुष्कर्म करने और दहेज उत्पीड़न के मामले में पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को न्यायालय ने खारिज कर दिया। विवेचक ने आरोपी ससुर व उसके परिवार के सदस्यों को क्लीनचिट देकर फाइनल रिपोर्ट न्यायालय में 31 दिसंबर 2022 को भेजी थी
पीड़िता ने फाइनल रिपोर्ट का विरोध किया। पीड़िता के अधिवक्ता ने स्वतंत्र गवाह के बयान के आधार पर दुष्कर्म जैसी गंभीर घटना को झूठा बताने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच फिर से कराने की मांग की। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम सतीश कुमार मगन की अदालत ने फाइनल रिपोर्ट खारिज करते हुए कैंट थानाध्यक्ष को मामले की अग्रिम विवेचना कराने का आदेश दिया है।
पीड़िता के प्रार्थना पत्र के अनुसार थाना कैंट क्षेत्र निवासी उसके ससुर ने उनके साथ 28 फरवरी 2021 को दुष्कर्म किया। उन्हें घर में बंधक बनाकर रखा गया। 12 अप्रैल 2021 को उनकी मां और बहन ने डायल 112 पुलिस बुलाकर उन्हें छुड़ाया। राजपती, चंद्रावती व विनोद कुमार शुक्ला ने उन्हें दहेज के लिए प्रताड़ित किया। कहीं सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने कोर्ट का सहारा लिया।