अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच कर रही पुलिस ने रविवार सुबह करीब 06:30 बजे पुलिस आरोपियों के घरों पर एक साथ छापा मारा। इस दौरान टिन्नू यादव के घर से नकदी और जेवर बरामद हुए हैं। अन्य आरोपियों के घर से भी कई अहम साक्ष्य मिले हैं। कार्रवाई के दौरान संबंधित इलाके में हलचल मची रही।
राम मंदिर की दान पेटिकाओं से चढ़ावा चोरी के मामले में स्वर्गद्वार मोहल्ला निवासी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, उसका भतीजा मनीष यादव, कौशलपुरी कॉलोनी निवासी अनुकल्प मिश्रा, खंडासा के जयराजपुर निवासी करुणेश पांडेय, रुदौली के ठकुरान फगौली निवासी लवकुश मिश्रा, मीरापुर रामसखा बगिया निवासी रमाशंकर मिश्रा, शहर के कौशलपुरी कॉलोनी में किराये पर रहने वाले अविनाश शुक्ला और अंजनीपुरम कॉलोनी निवासी सुभाष श्रीवास्तव नामजद आरोपी हैं।
प्रारंभिक जांच में आरोपियों के पास से 79.85 लाख रुपये बरामद हुए थे। अब पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया है। सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी के नेतृत्व में लगभग 12 टीम मामले की जांच कर रही हैं। रविवार की सुबह करीब 6:30 बजे अलग-अलग टीम आरोपियों के घर एक साथ पहुंची। लगभग सात घंटे तक टीमें छानबीन करती रहीं। कार्रवाई के दौरान घरों की गहन तलाशी ली गई और कई दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व अन्य महत्वपूर्ण सामग्री की जांच की गई।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी टिन्नू यादव के घर से बैंक में निवेश करने के प्रपत्र, जेवर और बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई है। हाल ही में खरीदे गए कई लग्जरी सामानों की रसीदें व कागजात बरामद हुए हैं। हालांकि, सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी जब पुलिस टीम के साथ पहुंचे तो टिन्नू के परिजन ने आपत्ति जताई और हल्की बहस के बाद सीओ अंदर गए। बाद में अन्य पुलिसकर्मी भी गए और जांच व तलाश शुरू हुई।
उधर, अन्य आरोपियों के घर से पैन कार्ड, आधार कार्ड, जमीन और बैंक संबंधी कई अहम कागजात मिले हैं। कुछ लोगों के यहां कीमती जेवर भी मिले हैं, जिनके संबंध में पुलिस ने साक्ष्य मांगे हैं। जेवरों की रसीद आदि तलब की है। तलाशी के दौरान टीमों ने बैंकिंग और वित्तीय दस्तावेजों, मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य अभिलेखों की पड़ताल करते हुए परिजनों से लंबी पूछताछ की।
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अपने कब्जे में ली गईं कई सामग्रियां
सूत्रों के अनुसार छापा मारने के दौरान पुलिस ने जिन सामग्रियों को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना, उन्हें विधिक प्रक्रिया के तहत अपने कब्जे में लिया। बरामद सामग्री का परीक्षण कर उसकी कड़ियां मामले से जोड़ने की तैयारी है। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू की गहन पड़ताल की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर आरोपियों से दोबारा पूछताछ भी की जा सकती है। छापेमारी से मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
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बैंक अधिकारी और पैरोकारों से भी होगी पूछताछ
सूत्रों के अनुसार पुलिस आरोपियों के अलावा ट्रस्ट के कर्मचारियों, उन्हें नौकरी दिलाने वाले रसूखदारों और बैंक के अधिकारी व कर्मचारियों से भी पूछताछ करेगी। किसी तरह का संदेह होने व साक्ष्य मिलने पर संबंधित को भी कार्रवाई के दायरे में लाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार आरोपी अनुकल्प मिश्रा को ट्रस्ट में रखवाने में कौशलपुरी स्थित उसके मकान के पास रहने वाले एक बड़े भाजपा नेता ने ही पैरवी की थी। इसे लेकर भी तरह-तरह की चर्चा हो रही है।
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चढ़ावा चोरी मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद यह अब तक की सबसे बड़ी समन्वित कार्रवाई मानी जा रही है। सभी आठ आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी करके विवेचना अब दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्यों को केंद्र में रखकर आगे बढ़ाई जा रही है। वहीं, पूरे मामले में पुलिस के कर्मचारी और अधिकारी कुछ भी बोलने से इन्कार कर रहे हैं। इसलिए बरामदगी की सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है।
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अविनाश का भाई बोला, गलती किए हों तो मिले सजा
पुलिस की एक टीम आरोपी अविनाश के किराये के मकान पर गई। वहां मौजूद उसके भाई अभिषेक शुक्ला से करीब पांच घंटे तक पूछताछ हुई। इसके बाद अभिषेक मीडिया के सामने आए और उन्होंने मामले की जानकारी से इन्कार किया। कहा कि यदि उनका भाई चोरी में संलिप्त है तो उनका कोई लेना-देना नहीं है। यदि उसने गलती की है तो उसे सजा जरूर मिले। पुलिस की कार्रवाई के दौरान हुई प्रक्रियाओं के बारे में उन्होंने कुछ भी बताने से इन्कार किया।