अयोध्या। जिले में विगत डेढ़ माह से बढ़े अपराध के ग्राफ पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस सख्त हो गई है। एसएसपी के निर्देश पर तीन और अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। इनकी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। इनमें दो लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले के कई मुकदमें दर्ज हैं।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर जिले का कार्यभार ग्रहण करने के समय से ही एक्शन मोड में हैं। अब तक लापरवाहियां बरतने के आरोप में वह कई पुलिसकर्मियों पर गाज गिरा चुके हैं। वहीं, अपराध नियंत्रण के लिए भी उन्होंने विशेष पहल की है। इसके लिए अपराध में संलिप्त लोगों को उन्होंने कुंडली खंगालना शुरू किया है। इनमें गंभीर मामलों में जमानत पर छूटे आरोपी शामिल हैं। अपराध में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से शामिल ऐसे आरोपियों को दुराचारी घोषित करके उन पर नकेल कसी जा रही है। अब तक अलग-अलग थाना क्षेत्र के 13 ऐसे आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है।
एसएसपी ने बताया कि महाराजगंज थाना क्षेत्र के नारा निवासी शिवम सिंह (28) के खिलाफ मारपीट, जानलेवा हमला, साजिश, जान से मारने की धमकी समेत पांच मुकदमें दर्ज हैं। इसी थाना क्षेत्र के मड़ना निवासी करुण कुमार यादव के खिलाफ भी प्राणघातक हमला, मारपीट, बलवा आदि के छह मुकदमें दर्ज हैं। वहीं, पूराकलंदर थाना क्षेत्र के गंजा निवासी मनमोहन यादव चोरी, एनडीपीएस एक्ट, शस्त्र अधिनियम के पांच मामले पंजीकृत हैं। इन्हें दुराचारी घोषित करके इनकी निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।
11 जून को कुमारगंज थाना क्षेत्र के सूरज चौहान, थाना पटरंगा के बाबर, तारुन के जुबेर खान, 12 जून को पूराकलंदर के अतुल सिंह उर्फ लाखन सिंह, यहीं के अनीश, तारुन के गोविंदा चौरसिया, एक जुलाई को रौनाही के रवि कुमार, इनायतनगर के रंजीत मौर्या, तीन जुलाई को कैंट थाना क्षेत्र के आलोक यादव व अर्पित दुबे की हिस्ट्रीशीट खोली गई है।