मिल्कीपुर/तारुन/बीकापुर। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस के तहत बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच की गई। मिल्कीपुर, तारुन और बीकापुर में आयोजित शिविरों में कुल 212 गर्भवती महिलाओं की जांच हुई। इनमें 25 महिलाएं उच्च जोखिम (हाईरिस्क) गर्भावस्था की श्रेणी में पाई गईं।
मिल्कीपुर सीएचसी में आयोजित विशेष जांच शिविर में 76 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। इनमें 15 महिलाएं हाईरिस्क श्रेणी में मिलीं। डॉ. पूजा सरोज ने 68 महिलाओं को अल्ट्रासोनोग्राफी तथा 72 को हीमोग्लोबिन और अन्य रक्त संबंधी जांच कराने की सलाह दी। खून की कमी मिलने पर पांच महिलाओं को आयरन सुक्रोज का इंजेक्शन लगाया गया।
तारुन सीएचसी में 61 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। पांच को हाईरिस्क श्रेणी में चिह्नित किया गया। चिकित्साधिकारी डॉ. प्रतिभा रानी और डॉ. सुशील सिंह यादव की टीम ने प्रसवपूर्व जांच की। अधीक्षक डॉ. अंशुमान गुप्ता ने बताया कि हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनके उचित प्रबंधन और नियमित फॉलोअप की व्यवस्था की गई है। 24 महिलाओं को निशुल्क अल्ट्रासाउंड के वाउचर दिए गए।
बीकापुर सीएचसी में आयोजित शिविर में 75 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया गया। जांच के दौरान पांच महिलाएं उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की श्रेणी में मिलीं। डॉ. स्नेहा कुमारी ने गर्भावस्था के दौरान सावधानी बरतने और संतुलित आहार लेने की सलाह दी। शिविर में हीमोग्लोबिन, यूरिन, एचआईवी, अल्ट्रासाउंड सहित विभिन्न जांचें कराई गईं।