मिल्कीपुर। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपने देयकों के भुगतान के लिए 10 फीसदी कमीशन मांगे जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह से 26 मई को शिकायत की है। यह आरोप न्यायालय के आदेश के बावजूद भुगतान न होने पर लगे हैं।
उच्च न्यायालय ने वर्ष 2020 में सेवानिवृत्त कर्मियों के देयकों के भुगतान का आदेश दिया था। इसमें हरिनाथ सिंह और वर्ष 2017 में सेवानिवृत्त हुए अन्य कर्मी शामिल हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस आदेश के खिलाफ स्पेशल अपील दायर की थी। न्यायालय ने अपील खारिज करते हुए तीन माह में भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। विश्वविद्यालय ने कर्मियों को घर के पते पर पत्र भेजकर अवगत कराया। हालांकि, भुगतान की कोई समय सीमा तय नहीं की गई। आरोप है कि बीते 26 मई को निदेशक प्रशासन सुशांत श्रीवास्तव ने देयकों के 10 फीसदी की मांग की। असमर्थता जताने पर उन्होंने कर्मियों को धकेल कर बाहर निकाला और गाली गलौज की।
इस बाबत निदेशक प्रशासन डॉ. सुशांत श्रीवास्तव ने आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने बताया कि दोनों सेवानिवृत्त कर्मी उनके कार्यालय आए थे। कार्यालय में कर्मियों ने अभद्रता की थी। इस संबंध में उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।