अयोध्या। निषाद पार्टी के अध्यक्ष और प्रदेश के मत्स्य पालन मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा कि निषाद पार्टी अपने दम पर पंचायत चुनाव लड़ेगी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य और बीडीसी पद के लिए निषाद बाहुल्य क्षेत्रों में प्रत्याशी उतारे जाएंगे।
मंत्री ने कहा कि हम गठबंधन के भागीदार हैं लेकिन त्रिस्तरीय चुनाव में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेंगे। पिछला त्रिस्तरीय चुनाव भी स्वतंत्र लड़ा गया था और इस बार भी निषाद पार्टी अपने दम पर चुनाव मैदान में उतरेगी। हमारे कार्यकर्ता ही हमारी असली ताकत हैं। पार्टी का उद्देश्य किसी दूसरे दल की आलोचना करना नहीं बल्कि अपने समाज की आवाज़ बनना है। निषाद पार्टी की रगों में 101 फीसदी मछुआ समाज का खून बहता है और समाज ने हमें जिस भरोसे और उम्मीद के साथ आगे बढ़ाया है, हम उस भरोसे को टूटने नहीं देंगे।
मंत्री ने कहा कि मछुआ समाज की सभी उपजातियों मझवार, तुरैहा, बिंद, निषाद, केवट, धीवर व कश्यप को अनुसूचित जाति में मान्यता दिलाने के लिए सरकार पर निरंतर दबाव बनाया जा रहा है। जातीय जनगणना केवल आंकड़े नहीं, अधिकारों की पहचान है। एससी की सूची में 17 मछुआ उपजातियों को शामिल कर उनके संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
मत्स्य पालन मंत्री डॉ. संजय निषाद ने सर्किट हाउस में विभागीय समीक्षा करते हुए विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद और समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस दौरान प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना और अन्य योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की। उप निदेशक मत्स्य राजेंद्र सिंह बिष्ट ने योजनाओं का विवरण प्रस्तुत किया। मंडल के विभिन्न जिलों से आए मत्स्य पालकों, मत्स्य उद्यमियों व युवा मत्स्य प्रवर्तकों के साथ संवाद किया। योजनाओं की जानकारी देने और पंजीकरण के लिए विभिन्न स्टाल लगाए गए। इसी कड़ी में गुप्तार घाट पर नाविकों से मिल कर उनकी समस्या जानी। इस दौरान आशाराम निषाद, संजय निषाद, धर्मेंद्र निषाद, राजेश निषाद, सागर निषाद समेत अन्य मौजूद रहे ।