अयोध्या। रामनगरी में आज से नवरात्र की धूम रहेगी। छोटी देवकाली, बड़ी देवकाली, जालपा मंदिर, मरी माता, शीतला मंदिर, हट्टी महारानी मंदिर, मां कामाख्या धाम व पाटेश्वरी मंदिर समेत विभिन्न देवी मंदिरों को सजा दिया गया है। सोमवार से सुबह से दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हो जाएगा। लोग घरों में कलश स्थापित करेंगे। विभिन्न पूजा-पंडालों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है। नगर क्षेत्र में 26 स्थानों पर पहले दिन ही मूर्ति की स्थापना कर दी जाएगी। पंडालों में बिजली तथा साफ-सफाई व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने की हिदायत दी गई है।
180 स्थानों पर होगी रामलीला
सिविल लाइन स्थित एक होटल में रविवार को केंद्रीय दुर्गा पूजा और रामलीला समन्वय समिति की ओर से पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने दुर्गा पूजा और रामलीला की तैयारियों की जानकारी दी। बताया कि इस बार 2154 स्थानों पर दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी, जबकि 180 स्थानों पर रामलीला का आयोजन होगा। वर्तमान में फैजाबाद क्षेत्र के आठ और अयोध्या के तीन स्थानों पर रामलीला का मंचन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सबसे पुरानी रामलीला साहबगंज में होती है, जो करीब 150 वर्षों से लगातार मंचित हो रही है। नावनेवरिया का कार्यक्रम 21 सितंबर को फतेहगंज लक्ष्मी सागर, 22 सितंबर को हैदरगंज देवकाली जलाशय, 23 सितंबर को साहबगंज, 24 को रामलला घाट, 25 को चौक के धार रोड विश्राम घाट और 26 सितंबर को अयोध्या कैंट में होगा। 22 सितंबर को ग्रामीण क्षेत्रों में 80 प्रतिशत प्रतिमाएं स्थापित हो जाएंगी और शेष 24 से 28 सितंबर तक नगर क्षेत्र में िस्थापित होंगी। अध्यक्ष ने बताया कि दो अक्तूबर को भव्य विसर्जन शोभायात्रा निकाली जाएगी। तीन अक्तूबर को चौक से श्रीराम की शोभायात्रा और शंकरगढ़ से श्रीराम शोभायात्राएं निकलेंगी। चार अक्तूबर को फतेहगंज, अशोकपुरम, हैदरगंज व कोठा पर्चा की शोभायात्राएं होंगी। पांच अक्तूबर को कोठा पर्चा, अशोकपुरम, फतेहगंज और साहिबगंज में शोभायात्रा होगी, जबकि 6 अक्तूबर को हैदरगंज में संपन्न होगी। दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का कार्यक्रम भी दो से छह अक्तूबर तक अयोध्या नगर, मया बाजार, रुदौली, बीकापुर, सोहावल, कुचेरा, गोसाईगंज, कुमारगंज और सुल्तानपुर सीमा तक विभिन्न घाटों पर संपन्न कराया जाएगा।
पत्रकार वार्ता में फिल्मी रामलीला की समिति से अपील की कि रामलीला का मंचन मर्यादा के अनुरूप ही होना चाहिए, न कि फिल्मी ढंग से। मनोज जायसवाल ने कहा कि परिक्रमा पथ पर कई स्थानों पर कार्य अधूरे हैं, जिन्हें पूरा किया जाए। समिति के संरक्षक विजय गुप्ता ने कहा कि ऋषि टोला से जीआईसी तक का मार्ग बदहाल है, जबकि एक अक्तूबर को प्रतिमाएं इसी मार्ग से जीआईसी मैदान तक पहुंचेंगी। संयोजक एवं सूचना प्रभारी गगन जायसवाल ने निर्मली कुंड में जल संकट की ओर ध्यान दिलाया।
पिछले वर्ष विसर्जन के दौरान पानी की कमी से काफी दिक्कत हुई थी। कम से कम 15 फीट गहराई तक पानी होना चाहिए। बिजली विभाग के समन्वयक सुप्रीत कपूर ने बिजली कटौती रोकने और तार-पोल दुरुस्त करने की मांग की। पत्रकार वार्ता में मीडिया प्रभारी बजरंगी साहू, रामलीला समिति प्रभारी प्रेमनाथ राय, प्रमुख जेएन चतुर्वेदी सहित अन्य पुलिस और प्रशासनिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।
36-डीजे की धून के साथ मां की प्रतिमा को स्थापना के लिए लेकर जाते श्रद्धालुगण।-संवाद
36-डीजे की धून के साथ मां की प्रतिमा को स्थापना के लिए लेकर जाते श्रद्धालुगण।-संवाद
36-डीजे की धून के साथ मां की प्रतिमा को स्थापना के लिए लेकर जाते श्रद्धालुगण।-संवाद