रुदौली/शुजागंज। सरयू नदी के रौनाही तटबंध पर बन रहा नैपुरा पंपिंग स्टेशन अगस्त में किसानों को समर्पित होगा। इसके शुरू होने से नैपुरा और आसपास के किसानों को हर साल होने वाले जलभराव से राहत मिलेगी। इससे क्षेत्र की सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न होने से बचेगी।
विधायक रामचंद्र यादव ने बृहस्पतिवार को निर्माणाधीन पंपिंग स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने सिंचाई विभाग और बाढ़ खंड के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। विधायक ने अगस्त तक गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि एक सप्ताह में मशीनों का परीक्षण शुरू हो जाएगा। बाढ़ खंड के कनिष्ठ अभियंता (सिविल) संजय कुमार ने सिविल कार्य के अंतिम चरण की जानकारी दी। कनिष्ठ अभियंता (इलेक्ट्रिकल) ज्ञानचंद्र ने विद्युत उपकरणों की स्थापना और परीक्षण की स्थिति बताई। कनिष्ठ अभियंता (मैकेनिकल) पवन गुप्ता ने पंपों और यांत्रिक उपकरणों की स्थापना व परीक्षण जारी होने की बात कही। रामचंद्र यादव ने बताया कि जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने मई 2025 में इसका शिलान्यास किया था।
33 केवी विद्युत उपकेंद्र भी बनेगा
विधायक रामचंद्र यादव ने बताया कि नैपुरा पंपिंग स्टेशन के साथ 33 केवी का विद्युत उपकेंद्र भी बनाया जाएगा। इससे पंपिंग स्टेशन को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी। तराई क्षेत्र के दर्जनों गांवों की विद्युत व्यवस्था में सुधार होगा। कम वोल्टेज और बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या कम होगी। किसानों और ग्रामीण उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति का लाभ मिलेगा।