अयोध्या। जिले के कद्दावर नेता रहे स्व. मित्रसेन यादव के पैतृक गांव में उनके सिपाही सपा प्रत्याशी अजीत प्रसाद की नइया पार कराने में दम लगाते नजर आए। भिटारी समेत आसपास के गांवों में भी इसका असर दिखा। पूर्व मंत्री आनंदसेन व ब्लॉक प्रमुख अंकुर सेन भी गांव-जंवार के लोगों को सहेजते दिखे।
मित्रसेन यादव का पैतृक गांव हैरिंग्टनगंज क्षेत्र के भिटारी में है। वह मिल्कीपुर विधानसभा से पांच बार विधायक रहे। उनके पुत्र आनंदसेन यादव भी इस सीट से दो बार विधायक चुने गए। भिटारी समेत आसपास के कई गांवों के लोग मित्रसेन व उनके परिवार को ही नेता मानते रहे।
उपचुनाव में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आनंदसेन यादव को अपना गढ़ संभालने का जिम्मा सौंपा था। बुधवार को मतदान के दिन वह गांव में कैंप किए रहे। उनके सिपाही भी उनका इशारा समझ अपने चुनाव के जैसे मोर्चा संभाले दिखे। इसकी हकीकत जानने अमर उजाला टीम भिटारी मतदान केंद्र पर पहुंची तो सुबह 11 बजे तक मतदाताओं की कतार दिखी।
यहां मौजूद वीरेंद्र यादव कहते हैं कि हमारा परिवार बाबूजी के जमाने से उन्हें वोट करता रहा है। उनका जहां इशारा होता था, हम लोग वहीं वोट करते थे। आज भी वही माहौल है। यहां मौजूद भाजपा एजेंट राम उजागिर ने बताया कि यह बूथ भाजपा कभी जीती नहीं, फिर भी उनकी भाजपा में आस्था है। लंबे समय से वह भाजपा से जुड़े हैं। 80 वर्षीय सरजू देवी भी पोती के साथ वोट डालने पहुंचीं। उन्होंने कहा कि बाबूजी के समय से ही वह लगातार वोट डालती हैं।
थोड़ी देर में पूर्व मंत्री आनंदसेन यादव, पत्नी व जिला पंचायत सदस्य इंदुसेन और बेटे ब्लॉक प्रमुख अंकुर सेन के साथ बूथ पर पहुंचे तो लाइन में लगे तमाम लोग उनका अभिवादन करने लगे। यहां भी सभी ने इशारे-इशारे में सब कुछ आशानुरूप होने का दावा किया। लगभग ऐसा ही नजारा बगल के गांव पलिया प्रतापशाह, हरदोइया, चिलबिली, कल्याणपुर, पलिया लोहानी, निमड़ी आदि बूथों पर भी देखने को मिला।