अयोध्या। प्रॉपर्टी डीलर विशाल यादव की हत्या का मुख्य आरोपी रितेश यादव सोमवार की भोर पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार हुआ है। फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी है। अभी एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं। हत्या के पीछे थाना क्षेत्र के रामापुर में स्थित एक जमीन विवाद सामने आया है।
सोमवार को घटना का खुलासा करते हुए एसएसपी राजकरन नय्यर ने बताया कि टोनिया मऊ यदुवंशपुर निवासी विशाल यादव (25) पुत्र रामबली यादव की 26 फरवरी की देररात बरात से वापस लौटते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। विशाल के पिता ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था तभी से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें लगाई गई थीं। विवेचना के दौरान नगर कोतवाली क्षेत्र के खोजनपुर निवासी रितेश यादव व यहीं के रिंकू का नाम सामने आया था। रितेश पर 25,000 रुपये इनाम घोषित किया गया था। उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही थी।
इस दौरान मुखबिर की सूचना पर सोमवार की भोर में करीब चार बजे रितेश को कैंट थाना क्षेत्र के गद्दोपुर पेशकार का पुरवा नहर पुल के पास रितेश यादव को गिरफ्तार करने का प्रयास किया गया तो वह पुलिस पर फायरिंग करने लगा। जवाबी कार्रवाई में उसके बायें पैर में घुटने के नीचे गोली लगी। घायल होने पर वह भाग नहीं सका, जिससे दबोच लिया गया। जिला अस्पताल में उसका इलाज कराने के बाद चालान किया गया है।
छह लाख में हुआ था जमीन का एग्रीमेंट
कैंट थानाध्यक्ष संजय मौर्य ने बताया कि रामापुर में स्थित पूनम देवी नामक एक महिला की जमीन का एग्रीमेंट छह लाख रुपये में प्रॉपर्टी डीलर विशाल व उनके पिता ने रितेश यादव के नाम कराया था। वह जमीन विवादित थी, जिसका मुकदमा चल रहा था। मुकदमे में लगने वाले खर्च का वहन भी रितेश कर रहा था, लेकिन जनवरी में फैसला होने के बाद बैनामा रितेश के पक्ष में नहीं कराया गया। रितेश ने पूनम देवी से संपर्क किया तो उन्होंने भी बैनामा करने से इंकार कर दिया। इसी वजह से रितेश ने अपने दोस्त रिंकू के साथ मिलकर हत्या को अंजाम दिया।