अयोध्या। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ़ मोहन यादव और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों ने परिवार के साथ अयोध्या में भगवान रामलला के दर्शन किए। सीएम और उनकी पत्नी ने रामलला को साष्टांग दंडवत होकर प्रणाम किया। रामलला के दरबार में पूरी कैबिनेट के साथ राम धुन, श्रीराम, जय राम जय जय राम... भी गाया। इस दौरान उनकी पत्नी सीमा यादव समेत 63 लोग शामिल थे।
मुख्यमंत्री डॉ़ मोहन यादव ने पत्रकारों से कहा कि कई जन्मों के पुण्य के बाद ये दर्शन प्राप्त हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश का संबंध 2000 वर्ष पुराना है। महाराज विक्रमादित्य ने अयोध्या आकर राम मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। विकास कार्य करवाए थे। 500 साल बाद फिर एक अच्छा समय आया है। भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या भव्य नगरी बनी है।
अयोध्या, काशी, मथुरा यह तो मोक्ष प्रदान करने वाली नगरी है। ऐसे में यहां आकर जो आनंद आता है उसकी किसी से तुलना नहीं हो सकती। उत्तर प्रदेश सरकार चाहेगी और जगह मिली तो अयोध्या में मध्य प्रदेश भवन बनाकर यात्रियों के लिए एक सुविधा केंद्र भी बनाएंगे। सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर घाट भी बनाएंगे।
इससे पहले सीएम मोहन यादव कैबिनेट समेत दोपहर तीन बजे अयोध्या एयरपोर्ट पर उतरे। यहां प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद लल्लू सिंह और भाजपा संगठन की तरफ से शैलेंद्र कोरी ने मुख्यमंत्री व मंत्रिमंडल का भव्य अभिनंदन किया। संस्कृति विभाग के कलाकारों ने स्वागत में प्रस्तुतियां भी दीं।
यहां से मध्यप्रदेश सरकार चार इलेक्ट्रिक बसों से रामलला के दर्शन के लिए रवाना हुई। राममंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मंत्रिमंडल का अभिनंदन किया। प्रसाद पाकर आह्लादित मंत्रियों ने जय श्रीराम के नारे लगाए। स्वागत करने वालों में नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता, रुदौली विधायक रामचंद्र यादव, जिप अध्यक्ष रोली सिंह, अभय सिंह शामिल रहे।
रामलला के दरबार आ चुकी कई राज्यों की सरकार
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड, असम, गुजरात व गोवा की सरकार अयोध्या आकर रामलला के दरबार में नतमस्तक हो चुकी है। इसके अलावा श्रीलंका, मॉरीशस, फिजी और नेपाल का प्रतिनिधि मंडल यहां आकर रामलला के दरबार में हाजिरी लगा चुका है।