अयोध्या। अवध विश्वविद्यालय स्थित संत कंवरराम साहिब सिंधी अध्ययन केंद्र में सिंधी भाषा दिवस के अवसर पर व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीलम पाठक ने कहा कि सिंधी संस्कृति अत्यंत प्राचीन और समृद्ध विरासत है, जिसकी पहचान उसकी भाषा से होती है।
उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की भाषा उसके इतिहास, मूल्यों और परंपराओं की संवाहक होती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. अनूप कुमार ने कहा कि सूफीवाद और आध्यात्मिक दर्शन सिंधी संस्कृति का मूल है और सिंधी भाषा समुदाय को उसकी हजारों वर्ष पुरानी जड़ों से जोड़े रखती है। विशिष्ट अतिथि प्रो. सिद्धार्थ शुक्ल ने कहा कि विभाजन के बाद सिंधी भाषा समुदाय की अदृश्य मातृभूमि बन गई। कार्यक्रम का संचालन कपिल कुमार ने किया। इस अवसर पर प्रो. सुरेन्द्र मिश्र, रत्नेश यादव, विनय कुमार शर्मा, डॉ. सरिता पाठक, प्रतीक रंजन त्रिपाठी उपस्थित रहे।