कुचेरा बाजार। मिल्कीपुर के उछाह पाली गांव में इंटरलॉकिंग निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। सिर्फ एक साल में ही इंटरलॉकिंग टूटकर क्षतिग्रस्त हो गई है। करीब एक साल पहले दो स्थानों पर इंटरलॉकिंग करवाई गई थी। इस बारे में जय नारायण तिवारी, राजेश तिवारी व प्रेम नारायण सहित कई ग्रामीणों ने बीडीओ को शिकायती पत्र सौंपा है। आरोप है कि निर्माण में बालू की मात्रा अधिक होने के कारण इंटरलॉकिंग उखड़ गई है। इससे पैदल चलना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों ने एक अन्य शिकायत भी की है। उनका कहना है कि सुरेंद्रनाथ तिवारी के घर से पक्की सड़क तक का खड़ंजा अच्छी स्थिति में है लेकिन इसे क्षतिग्रस्त बताकर उखड़वाया जा रहा है। यहां नई इंटरलॉकिंग की जा रही है। ग्राम प्रधान विनोद कुमार का कहना है कि शिकायत निराधार है। इंटरलॉकिंग मार्ग ठीक है। पक्की सड़क से रामकृपाल के घर तक खड़ंजे पर इंटरलॉकिंग लगाने पर विवाद है। इसको रोक दिया गया है। बीडीओ कमला प्रसाद श्रीवास्तव ने ग्राम विकास अधिकारी ज्योति यादव को जांच के आदेश दिए हैं।