अयोध्या। जिला पंचायत ने ग्रामीण क्षेत्र में संचालित होने वाले 10 व्यवसाय के लाइसेंस शुल्क में वृद्धि कर दी है। अब इन व्यवसाय को करने वालों से नए प्रावधानों के अनुसार बढ़े हुए दर पर लाइसेंस शुल्क की वसूली की जाएगी। इसके अलावा हाईवे और मुख्य मार्गों को छोड़कर अन्यत्र संचालित पेट्रोल पंप, निजी हॉस्पिटल, नर्सिंग होम व बड़े मेडिकल स्टाेरों से भी लाइसेंस शुल्क की वसूली होगी। अभी तक इन्हें इससे मुक्त रखा गया था।
जिला पंचायत ने ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित व्यवसायों के सामान्य लाइसेंस को नियमित व नियंत्रित करने के उद्देश्य से 21 जनवरी वर्ष 2006 के सामान्य उपविधि गजट प्रकाशन के स्थान पर नई उपविधि को मंजूरी दे दी है। इसके अनुसार गल्ला, फल व सब्जी आढ़त के साथ ऑटो मोबाइल एजेंसी, ट्रक, ट्राॅली व बस बाॅडी मेकर का लाइसेंस शुल्क 500 रुपये से बढ़ाकर 1500 कर दिया गया है। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, मैरिज लॉन, वेयर हाउस व गैस गोदाम का शुल्क अब 500 के स्थान पर 2000 रुपये कर दिया गया है।
इसी तरह हाईवे के पेट्रोल व डीजल पंप से 700 के स्थान पर 3000 रुपये लाइसेंस शुल्क की वसूली की जाएगी, जबकि हाईवे और मुख्य मार्गों को छोड़कर अन्य स्थानों पर संचालित पंप संचालकों को 2000 रुपये देना होगा। अभी तक इनसे लाइसेंस शुल्क नहीं लिया जाता था। अधिकृत आरा मशीन और पाइप का व्यवसाय करने वालों को 1500 की बजाय 2000 रुपये देने होंगे। ब्रांडेड कपड़े के थोक विक्रेता व ब्रांडेड शोरूम को 150 के स्थान पर अब 1500 रुपये शुल्क देना होगा।
निजी हाॅस्पिटल, नर्सिंग होम व बड़े मेडिकल स्टोर के संचालकों को अब 2500 रुपये लाइसेंस शुल्क देना होगा। अभी तक इनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाता था। वेल्डिंग से लोहे के सामानों ग्रिल, दरवाजे व रेलिंग का निर्माण करने वालों को 300 के स्थान पर 1500 रुपये देने होंगे। देशी शराब, अंग्रेजी शराब व बियर की दुकानों से 1000 की जगह 2500 रुपये लाइसेंस शुल्क लिया जाएगा। बड़े टेंट हाउस संचालकों को 200 की जगह अब 2500 रुपये लाइसेंस शुल्क देना होगा। जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह ने बताया कि नए सिरे से तय किए गए लाइसेंस शुल्क के प्रस्ताव को बोर्ड की बैठक में मंजूरी मिल गई है।