अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में जेल में निरुद्ध आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पेंशन बैंक खाता में निकासी पर लगाई गई रोक को हटाए जाने के प्रार्थना पत्र पर मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट रजत वर्मा ने सुभाष श्रीवास्तव के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए 23 जुलाई की तारीख नियत की है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में आरोपी सुभाष श्रीवास्तव की ओर से पैरवी कर रहे लीगल एड डिफेंस काउंसिल डिप्टी चीफ कुलशेखर सिंह ने बताया कि पुलिस की आख्या कोर्ट में दाखिल करने में विलंब हो जाने के कारण मंगलवार को सुनवाई नहीं हो पाई है। पुलिस की ओर से भेजी गई आख्या में सुभाष श्रीवास्तव के पेंशन बैंक खाता में 26 जून के बाद हुई जमा धनराशि की निकासी पर कोई रोक नहीं है। 26 जून के बाद बैंक खाता में जमा निकासी से रोक हटाए जाने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इस तिथि से पहले जमा हुई धनराशि पर लगी रोक यथावत बनी रहने की मांग कोर्ट से की गई है। अब इस मामले पर अदालत बृहस्पतिवार को सुनवाई करेगी।
खाता पर लगी पाबंदी को हटाए जाने के लिए जेल से भेजी गई थी अर्जी
आरोपी सुभाष श्रीवास्तव की ओर से जेल से भेजे गए प्रार्थना पत्र में पेंशन बैंक खाता को संचालित किए जाने के लिए न्यायालय से आदेश पारित किए जाने की मांग की गई थी। प्रार्थना पत्र में कहा गया कि चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस ने उसके सभी बैंक खातों को जमा निकासी करने से अवरुद्ध कर दिया है। वह बैंक का सेवानिवृत्त कर्मचारी है। बैंक से मिलने वाली पेंशन का खाता केनरा बैंक में है जिसे भी पुलिस ने फ्रीज कर दिया है। मासिक पेंशन ही परिवार के जीवनयापन का सहारा है। इस खाते से ही मासिक किस्त, पत्नी के दवा-इलाज का खर्च, बिजली का बिल, दैनिक खर्च व भरण-पोषण का भुगतान होता है। पेंशन खाता को अवरुद्ध किए जाने से परिवार का जीवनयापन व मासिक किस्तें जमा हो पाना संभव नहीं हो पा रहा है।