मिल्कीपुर। मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौटते समय रंजिश में गैंगस्टर संजय सिंह को गोली मार दी गई। गनीमत रही कि गोली उनके कंधे पर लगी, जिससे उनकी जान बच गई। लखनऊ ट्राॅमा सेंटर में उनका इलाज चल रहा है। गैंगस्टर की तहरीर पर गांव के ही चाचा-भतीजों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करके दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इनायतनगर क्षेत्र के ईंटगांव निवासी संजय सिंह ने दर्ज एफआईआर में बताया कि वह सोमवार देर रात 9:40 बजे गांव में ही आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर घर आने के लिए अपनी एसयूवी में बैठ रहे थे। इसी समय उनके गांव के ही विपिन कुमार दूबे उर्फ विक्की दूबे, अभय दूबे उर्फ कुशल और उनके चाचा गिरिजा शंकर दूबे ने उन पर फायर झोंक दिया। गोली लगने से वह बेहोश हो गए। मौके पर मौजूद उनके लोग उन्हें अपनी गाड़ी से राजर्षि दशरथ मेडिकल कालेज दर्शन नगर ले गए, जहां से उन्हें ट्राॅमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। वहां उनका इलाज चल रहा है।
थाना प्रभारी इनायतनगर रतन कुमार शर्मा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमला समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों विपिन कुमार दूबे व अभय को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त दो पिस्टल, छह कारतूस व तीन खोखा बरामद किया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से आरोपी के घर पर पीएसी व पुलिस की तैनाती की गई है। उधर, एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी ने क्षेत्राधिकारी मिल्कीपुर अजय कुमार सिंह, एसडीएम मिल्कीपुर सुधीर कुमार व नायब तहसीलदार रंजन वर्मा के साथ घटनास्थल का निरीक्षण करके लोगों से पूछताछ की। घटना के बाद से ही दोनों खेमे में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
इनसेट
2008 से चल रही संजय सिंह व आरोपियों के गुट की अदावत
गैंगस्टर संजय सिंह और आरोपियों के गुट की वर्ष 2008 से अदावत चल रही है। 23 मार्च, 2008 में मिल्कीपुर बाजार में गैंगस्टर संजय सिंह के साथी गुल्लू सिंह की हत्या कर दी गई थी। इसमें मुख्य आरोपी उमाशंकर दूबे उर्फ पंडा के साथ विपिन कुमार दूबे उर्फ विक्की व गिरजा शंकर दूबे भी आरोपी हैं। ट्रायल के दौरान उमाशंकर की मौत हो गई। न्यायालय ने विपिन व गिरजा शंकर को सजा सुनाई। दोनों लोग उच्च न्यायालय से जमानत पर बाहर आए हैं। उधर, 29 जून, 2009 में पेशी पर जाते समय पूराकलंदर थाना क्षेत्र में विपिन दूबे के पिता व गुल्लू सिंह की हत्या के मुख्य आरोपी रहे उमाशंकर दूबे उर्फ पंडा व उनके गनर महेंद्र यादव की हत्या हो गई थी। इस मामले में गैंगस्टर संजय सिंह आरोपी हैं। मुकदमा सुनवाई के अंतिम दौर में है। सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने पिता की मौत का बदला लेने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया है।
विपिन की सुरक्षा में तैनात था सरकारी गनर
सूत्रों के अनुसार जमानत पर छूटने के बाद से ही विपिन दूबे ने स्वयं की जान का खतरा बताया था। तभी से उसे सरकारी गनर मिला था। हालांकि, घटना के समय गनर की लोकेशन अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।
6-घटना के बाद घटनास्थल का जायजा लेते एसपी ग्रामीण व अन्य।-संवाद