2-जिला अस्पताल की इमरजेंसी ओपीडी में लावारिस मरीज भर्ती करने के दौरान स्वास्थ्यकर्मी और समाजसेव
अयोध्या। जिला अस्पताल में मंगलवार को एक लावारिस मरीज भर्ती कराने में समाजसेवी प्रदीप यादव को नाकों चने चबाने पड़े। इससे नाराज होकर वह इमरजेंसी ओपीडी के सामने ही धरने पर बैठ गए। इसकी सूचना पर नगर कोतवाली पुलिस मौके पर आई और पुलिस के हस्तक्षेप से मरीज भर्ती किया गया।
मिल्कीपुर के जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि व समाजसेवी प्रदीप यादव मंगलवार की सुबह साथियों के साथ शहर आ रहे थे। इस बीच उसरू के पास एक व्यक्ति लावारिस हालत में पड़ा मिला, जिसे एंबुलेंस से लेकर वह दोपहर लगभग 12 बजे जिला अस्पताल लाए। यहां इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक ने लावारिस मरीज को भर्ती करने से मना कर दिया। इसके पीछे अस्पताल में न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, गैस्ट्रो, नेफ्रो आदि विभाग सक्रिय न होने का हवाला दिया गया।
समाजसेवी ने मरीज भर्ती करने पर दबाव बनाया तो दोनों पक्षा में बहस होने लगी। इससे आक्रोशित होकर वह इमरजेंसी ओपीडी के बाहर ही धरने पर बैठ गए। मौके पर रिकाबगंज चौकी इंचार्ज रघुवीर सिंह, फतेहगंज चौकी प्रभारी विकास गुप्ता आदि पुलिस बल के साथ आए और उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद अधीक्षक डॉ. अजय चौधरी भी पहुंचे और मरीज को मेडिकल वार्ड में शिफ्ट किया गया। इलाज होने पर मरीज की हालत सामान्य तो उसकी पहचान मिल्कीपुर के घटौली निवासी कन्हैया लाल यादव के रूप में हुई। इस दौरान अस्पताल परिसर में लगभग एक घंटे तक अराजकता का माहौल रहा।
अधीक्षक डॉ. अजय चौधरी ने बताया कि सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं न होने से गंभीर रोगियों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। इस मरीज के साथ परिवार का कोई सदस्य नहीं मौजूद था। इसलिए उसके पिछले मेडिकल इतिहास की जानकारी भी नहीं थी। बेहतर इलाज के लिए ही मरीज रेफर किया जा रहा था। हालांकि, बाद में उसे यहीं भर्ती कर लिया गया है। उसकी हालत अब सामान्य है।
2-जिला अस्पताल की इमरजेंसी ओपीडी में लावारिस मरीज भर्ती करने के दौरान स्वास्थ्यकर्मी और समाजसेव