फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ayodhya News: हर ब्लॉक में विकसित किए जाएंगे पांच मियावाकी वन

Sat, 10 May 2025 10:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
विज्ञापन
विज्ञापन
अयोध्या। जिले के हर ब्लॉक में पांच मियावाकी वन विकसित किए जाएंगे। पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम को वन विभाग का तकनीकी सहयोग मिलेगा। इन वनों में रोपित किए जाने वाले पौधों का रखरखाव और नियमित सिंचाई का प्रबंध मनरेगा के तहत किया जाएगा। इन वनों के लिए स्थानों के चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
विज्ञापन

मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह के निर्देशन में उपायुक्त मनरेगा सविता सिंह की ओर से जिले के सभी ब्लॉकों में मियावाकी वन विकसित किए जाने की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत प्रथम चरण में सभी खंड विकास अधिकारियों को उनके ब्लॉक में इस वन के लिए पांच उपयुक्त स्थान चयनित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। जिले के सभी 11 ब्लॉकों के बीडीओ की ओर से 55 स्थलों का चयन कर सूची उपलब्ध करा दी गई है।

इस सूची के आधार पर अब उपायुक्त मनरेगा सविता सिंह और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी ज्योर्तिमय गुप्ता की ओर से चयनित स्थलों का निरीक्षण किया जा रहा है। मनरेगा से जुड़ी इन दोनों महिला अफसरों ने सीडीओ के निर्देश पर सोहावल के सनाहा, डेरामूसी, सोखावा और मसौधा के पाराकैल समेत अन्य कई ब्लॉकों में मियावाकी वन के लिए चयनित स्थलों का जायजा लिया है।
विज्ञापन


सभी प्रस्तावित स्थलों को उनकी उपयोगिता के आधार पर अंतिम मंजूरी मिलने के बाद वहां पर वन विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए पौधों का रोपण शुरू करवा दिया जाएगा। पौधरोपण कराने के लिए मजदूर मनरेगा के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी मियावाकी वनों में वन विभाग के सहयोग से पौधरोपण के बाद उनके रखरखाव और नियमित सिंचाई का प्रबंध भी मनरेगा के माध्यम से ही किया जाएगा।

मनरेगा की अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी ज्योर्तिमय गुप्ता ने बताया कि मियावाकी वनों में पौधे पास-पास लगाए जाते हैं। बड़े होने पर ये पौधे वनों की तरह घने हो जाते हैं। इससे प्रदूषण नियंत्रित होने के साथ वातावरण बेहतर होता है। यह जापानी वनस्पति शास्त्री अकीरा मियावाकी की ओर से विकसित की गई तकनीक है। इस तकनीक से वन के छोटे से क्षेत्र में भी देशी पेड़ों की प्रजातियां इस तरह से उगती हैं कि उन्हें सूर्य की रोशनी सिर्फ ऊपर से मिलती है और वे बगल के बजाय सिर्फ ऊपर की ओर बढ़ते हैं। ऐसे वनों से पर्यावरणीय समस्या का समाधान होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें