गोसाईंगंज। गोसाईगंज का महादेवा घाट 84 कोसी परिक्रमा का तीसरा पड़ाव स्थल है। जहां पर तमसा नदी का पानी काला पड़ गया है। एक दशक पूर्व तक तमसा में स्नान-ध्यान व आचमन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती थी, लेकिन अब तमसा का पानी आचमन लायक भी नहीं रह गया है। नगर का प्रदूषण नदी में गिर रहा है।
भीटी रोड पर पुल के पास सीताराम घाट है। जहां पर हनुमान मंदिर स्थित है। दूर-दूर से लोग आकर तमसा में स्नान करके मंदिर में दर्शन करते थे । लेकिन अब यह बीते दिनों की बात हो गई। यहां घास-फूस व झाडि़यां उग आई हैं। जो पानी कभी गले को शीतलता प्रदान करता था , अब उसमें दुर्गंध आ रही है। तमसा नदी कभी अवध क्षेत्र की पहचान हुआ करती थी। आज गोसाईगंज का महादेवाघाट, सीताराम घाट, सत्संग घाट के पास बह रही तमसा नगर के गंदे नालियों के पानी से बदरंग हो गई है। नगर का प्रदूषण नालियों के माध्यम से नदी में गिर रहा है।
पूर्व विधायक व राज्यमंत्री रहे कटेहरी विधानसभा क्षेत्र के स्व़ रवींद्रनाथ तिवारी ने नदी के नहरीकरण की योजना बनाई थी। इसके पीछे उनकी परिकल्पना थी कि इन नदियों में पूरे वर्ष पानी उपलब्ध रहे। उनके निधन के बाद यह योजना धरी की धरी रह गई। तमसा बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक चौरसिया, प्रकृति प्रेमी दिनेश तिवारी, प्रदीप जायसवाल, संजय पराग, अनिल कुमार, गजेंद्र पांडेय, रामेश्वर कसौधन, सभासद रविंद्र यादव व अपना दल के प्रदेश सचिव प्रमोद सिंह आदि लोगों ने जीर्णोद्धार की मांग की है।
गोसाईगंज की नगर पंचायत अध्यक्ष डॉ़ विजयलक्ष्मी जायसवाल ने हाल ही में नगर विकास मंत्री एके शर्मा से मिलकर तमसा नदी के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव दिया है। अध्यक्ष ने बताया कि मंत्री ने यहां रिवर फ्रंट विकसित करने का आश्वासन दिया है। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। तमसा नदी की गरिमा लौटाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।