अयोध्या। जिला महिला अस्पताल में शुक्रवार सुबह शॉर्ट सर्किट से आग लगने से अफरा तफरी मच गई। कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित महिला अस्पताल की तीसरी मंजिल पर करीब 10:30 बजे अचानक स्पार्किंग के बाद आग भड़क उठी। गैलरी के ऊपर से गुजर रही विद्युत केबल ट्रे में आग लगते ही पूरा फ्लोर धुएं से भर गया। तीसरी मंजिल पर संचालित सर्जिकल और जच्चा-बच्चा वार्ड में भर्ती महिलाएं अपने नवजात बच्चों को गोद में लेकर जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागने लगीं। घटना के समय अस्पताल में ओपीडी सहित करीब 300 मरीज और तीमारदार मौजूद थे, जबकि तीसरी मंजिल के वार्ड में 45 से अधिक महिलाएं भर्ती थीं।
धुआं फैलते ही अस्पताल प्रशासन ने तत्काल बिजली आपूर्ति बंद करवाई, जिससे आग अन्य हिस्सों में न फैल सके। अस्पताल कर्मचारियों ने फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से शुरुआती स्तर पर ही आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। इसके साथ ही वार्ड में भर्ती महिलाओं, नवजातों और बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारने का अभियान चलाया गया। हालात बिगड़ते देख पूरे अस्पताल को खाली कराने के निर्देश दिए गए। प्रसूताओं और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल परिसर की पुरानी बिल्डिंग और रैन बसेरे में शिफ्ट किया गया। कई मरीजों को अस्थायी रूप से वहीं भर्ती कर उपचार शुरू कराया गया। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मी दवाएं, ऑक्सीजन सिलिंडर और जरूरी चिकित्सा सामग्री लेकर दौड़ते नजर आए। गंभीर हालत में भर्ती एक महिला को ऑक्सीजन सपोर्ट देने के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। पुरानी बिल्डिंग में अव्यवस्था के बीच कई बेड पर दो-दो महिलाओं को भर्ती करना पड़ा।
बच्चे को सीने से चिपकाकर भागी, चारों तरफ धुआं ही धुआं था
आग लगने के दौरान अस्पताल में भर्ती महिलाओं और उनके परिजनों के लिए कुछ पल बेहद डरावने साबित हुए। सर्जिकल वार्ड में भर्ती प्रसूता पूजा देवी ने बताया कि अचानक धुआं भरने लगा और लोगों के चिल्लाने की आवाज आने लगी। उन्होंने कहा कि मैंने तुरंत अपने नवजात बच्चे को उठाया और बाहर की ओर भागी। कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है। चारों तरफ धुआं था। एक अन्य महिला मरीज के तीमारदार रामकिशोर ने बताया कि वार्ड से महिलाओं को निकालने के दौरान हड़बड़ी जैसे हालात बन गए थे। स्वास्थ्य कर्मी लगातार लोगों को शांत रहने की अपील कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बच्चों को गोद में लेकर महिलाएं सीढ़ियों से नीचे उतर रही थीं। गर्मी और घबराहट से कई लोग चिल्लाने लगे थे। पुरानी बिल्डिंग में शिफ्ट की गई प्रसूता गोंडा की अंजली, सुल्तानपुर की श्वेता और नाका की अंजली ने बताया कि वहां पंखे नहीं चल रहे थे, जिससे नवजात बच्चों को काफी परेशानी हुई। हम लोग हाथ से हवा कर बच्चों को संभाल रहे हैं।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि सुबह 10:40 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही दो फायर ब्रिगेड गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। उन्होंने बताया कि तीसरी मंजिल की गैलरी में एसी डंप और केबल वायरिंग एक साथ गुजर रही थी, जहां शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। आग की वजह से पूरे फ्लोर में धुआं फैल गया। हालांकि अस्पताल में पहले से मॉक ड्रिल कराए जाने के कारण कर्मचारियों ने फायर ब्रिगेड पहुंचने से पहले ही आग पर काफी हद तक काबू पा लिया था।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी देवेंद्र कुमार भिटोरिया ने बताया कि सीएमएस के माध्यम से लगभग 10:45 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। अस्पताल में मौजूद 19 अग्निशमन यंत्रों की मदद से तत्काल आग बुझाने का कार्य शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि फायर ब्रिगेड पहुंचने से पहले ही आग पर नियंत्रण पा लिया गया था और घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की बात सामने आई है। इलेक्ट्रीशियन लगाकर व्यवस्था को दुरुस्त कराया गया और सफाई के बाद चिकित्सा सेवाएं फिर शुरू कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
महिला चिकित्सालय अधीक्षक डॉ. विभा कुमारी और उनकी टीम ने भी बचाव कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई थी। प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई है और पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।