41 -काकोरी ट्रेन एक्शन से संबंधित दुर्लभ तस्वीर व दस्तावेज देखते लोग - संवाद
अयोध्या। जिला कारागार के शहीद कक्ष में महुआ डाबर संग्रहालय ने काकोरी ट्रेन एक्शन से संबंधित दुर्लभ और मूल दस्तावेजों की प्रदर्शनी लगाई गई। इसने क्रांतिकारी आंदोलन की स्मृतियों को फिर जीवंत कर दिया। अशफाक उल्लाह खां मेमोरियल शहीद शोध संस्थान ने आयोजित इस प्रदर्शनी का शुभारंभ जेलर राजेंद्र कुमार यादव ने अशफाक उल्लाह खां की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया।
संस्थान के प्रबंध निदेशक सूर्यकांत पांडेय ने कहा कि उद्देश्य नई पीढ़ी को काकोरी नायकों के आदर्शों से परिचित कराना है। उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी आंदोलन के मूल्यों को धीरे-धीरे भुलाया जा रहा है। पूर्व सांसद लल्लू सिंह ने प्रदर्शनी को प्रेरक बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नियमित रूप से होने चाहिए। उपनिरीक्षक रणजीत यादव ने घोषणा की कि बलिदान दिवस पर पूरी टीम ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होगी। महुआ डाबर संग्रहालय के महानिदेशक व क्रांतिकारी आंदोलन शोधकर्ता डॉ. शाह आलम राना ने काकोरी एक्शन से जुड़े कई महत्वपूर्ण अभिलेखों की जानकारी दी और कारागार में स्थित अशफाक उल्लाह खां की बैरक के संरक्षण पर जोर दिया। कार्यक्रम में चंद्रेश भारद्वाज ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए।
प्रदर्शनी में काकोरी षड्यंत्र केस की जजमेंट फाइलें, प्रिवी काउंसिल लंदन की अपील फाइल, अशफाक की हस्तलिखित डायरी, गिरफ्तारियों का विवरण, फैजाबाद कारागार की बंदी सूची, सरफरोशी की तमन्ना की प्रति, अखबारों की पुरानी रिपोर्टिंग, निशानदेही की तस्वीरें, बिस्मिल का पिता संग फांसी के बाद का चित्र और अशफाक का माउजर सहित कई अभिलेख प्रदर्शित किए गए।