13- लाइटिंग से जगमग राम मंदिर का गर्भगृह व मौजूद श्रद्धालु- ट्रस्ट
अयोध्या। राम मंदिर परिसर अब फसाड लाइटिंग से रात के समय भी जगमगाता नजर आएगा। मंदिर और परिसर की स्थापत्य कला, शिल्प और परकोटे की सुंदरता को उभारने के लिए फसाड लाइटिंग की विस्तृत योजना पर काम तेज कर दिया गया है। कार्यदायी संस्था ने मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के समक्ष लाइटिंग डिजाइन और तकनीकी व्यवस्था का प्रस्तुतीकरण भी दिया।
प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि फसाड लाइटिंग का कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा और अगले छह माह के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के तहत मंदिर के मुख्य शिखर, मंडप, स्तंभ, परकोटा, प्रवेश द्वार, सहायक मंदिरों और प्रमुख पथों को विशेष रोशनी से सजाया जाएगा। निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि फसाड लाइटिंग का काम एक माह पीछे चल रहा है। कंपनी ने प्रस्तुतीकरण दिया है, उन्हें काम तेज करने का निर्देश दिया गया है। लाइटिंग व्यवस्था में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि रोशनी के साथ-साथ संरचना की गरिमा और संरक्षण भी सुनिश्चित हो। आने वाले समय में राम मंदिर परिसर दिन ही नहीं, रात में भी आस्था और प्रकाश का अद्वितीय संगम बनकर उभरेगा।
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क्या है फसाड लाइटिंग की विशेषता
फसाड लाइटिंग केवल सामान्य प्रकाश व्यवस्था नहीं, बल्कि वास्तुशिल्प को उभारने वाली कलात्मक तकनीक है। इसकी प्रमुख विशेषता यह है कि मंदिर की नक्काशी, स्तंभों और शिल्पकारी को उभारने के लिए एंगल आधारित लाइटिंग की जाएगी। अलग-अलग हिस्सों के लिए अलग प्रकाश तीव्रता और रंग तापमान निर्धारित होगा। कंप्यूटर नियंत्रित स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम, ऊर्जा दक्ष (एनर्जी एफिशिएंट) एलईडी लाइटों का उपयोग और पर्व और विशेष अवसरों पर थीम आधारित प्रकाश व्यवस्था बदलने की सुविधा होगी।