तारुन। क्षेत्र के मुगीशपुर निवासी एक युवक की हत्या के पांच दिन बाद भी पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट की सही जानकारी नहीं हो सकी है। इसके लिए मूल प्रति का इंतजार किया जा रहा है। वहीं मृतक के परिजनों ने पुलिस की कार्यवाही से असंतोष जताते हुए सवाल उठाए हैं।
गांव निवासी मंशाराम यादव के पुत्र अनिल यादव (32) सप्ताह पूर्व दिल्ली से घर पर होली मनाने आए थे। मंगलवार की देर शाम सब्जी लाने के बहाने बाजार के लिए निकले थे। बुधवार दोपहर बाद मोबाइल टॉवर के पास झाड़ी में बकरी चराने गए नन्सा के युवकों ने चंद्रभान के खेत में उनकी लाश देखी थी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया था। मंशाराम यादव की तहरीर पर नंसा निवासी इंद्रजीत और सुरजीत यादव के खिलाफ केस दर्ज हुआ था।
मंशाराम यादव ने बताया कि 12 मार्च की दोपहर तक अनिल का मोबाइल ऑन था, फोन जा रहा था, लेकिन काल रिसीव नहीं हो रही थी। रात में 11 बजे थाने में जाकर उन्होंने गुमशुदगी दर्ज कराई गई, लेकिन पुलिस तुरंत सक्रिय नहीं हुई। यदि उसी समय पुलिस सक्रियता दिखाती तो शायद उनके बेटे की लोकेशन पता लग जाती और जान भी बच सकती थी। बताया कि सुनने में आ रहा है कि दोनों आरोपी उसी दिन से उठाए गए हैं और कुछ लोगों को पूछताछ के लिए भी बुलाया गया है।
वहीं प्रभारी निरीक्षक लल्लन यादव ने बताया कि अभी जांच चल रही है। पीएम रिपोर्ट कार्बन कॉपी में क्लियर नहीं हो पा रही है, मूल प्रति आने के बाद ही आगे कार्रवाई की जाएगी। अभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
घर में अकेला कमाने वाला था मृतक
मंशाराम यादव ने बताया कि अनिल के 10 वर्ष व आठ वर्ष के दो बच्चे हैं। मृतक घर का अकेला कमाने वाला सदस्य था। वह दिल्ली में कमाई करके परिवार का भरण-पोषण करते थे। एक बीघे खेती में गुजारा संभव नहीं है।