अयोध्या। रामनगरी में पंजीकृत 1186 होम स्टे के संचालकों के लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण की ओर से गाइडलाइन जारी कर दी गई है। इसके अनुसार सभी होम स्टे संचालकों को अब उनके यहां ठहरने वाले आगंतुकों के वाहनों की पार्किंग के लिए स्थान का प्रावधान करना होगा। इसके अलावा सभी सुरक्षा मानकों का भी ध्यान रखना पड़ेगा।
अयोध्या में भव्य मंदिर में रामलला के विराजमान होने के साथ वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर होम स्टे का पंजीकरण विकास प्राधिकरण की ओर से शुरू किया गया था। इसके पीछे मंशा थी कि लाखों की संख्या में देश-विदेश के श्रद्धालुओं के यहां आने की स्थिति में उन्हें ठहरने के लिए पर्याप्त संख्या में बेहतर विकल्प मिल सके। साथ ही स्थानीय लोगों को आमदनी का भी नया माध्यम मिले।
इसके बाद लगातार यहां पर होम स्टे का पंजीकरण होता रहा। अब तक 1186 की संख्या में होम स्टे पंजीकृत हो चुके हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं के साथ इन होम स्टे में ठहरने को भी प्राथमिकता देते हैं। महाकुंभ के समय जब लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का रामनगरी में आगमन हो रहा था, तब होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं के फुल हो जाने की स्थिति में ये होम स्टे बेहतर विकल्प बने थे। इनके संचालकों ने अच्छी कमाई भी की थी।
बड़ी संख्या में होम स्टे का संचालन शुरू हो जाने के बाद कुछ दिक्कतें भी सामने आईं। इनमें सबसे बड़ी समस्या यहां ठहरने वालों की ओर से आसपास की सड़कों और गलियों में ही वाहनों की पार्किंग कर दिया जाना है। इससे आवागमन बाधित होता है। साथ ही आसपास रहने वाले या कोई अन्य प्रतिष्ठान संचालित करने वाले वाहन खड़ा करने पर आपत्ति भी जताते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए पिछले दिनों प्राधिकरण के बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव लाने के साथ चर्चा की गई थी।
इस बारे में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अश्वनी पांडेय ने अमर उजाला को बताया कि बोर्ड की बैठक में हुई चर्चा के बाद अब गाइडलाइन जारी कर दी गई है। इसके अनुसार सभी होम स्टे संचालकों से पार्किंग की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से कुछ अन्य प्रबंध सुनिश्चित करने की अपेक्षा की गई है। इसके तहत सभी होम स्टे में सीसीटीवी कैमरे होने चाहिए। यदि कोई एनआरआई या विदेशी मेहमान आते हैं तो उनके बारे में अनिवार्य रूप से स्थानीय थाने पर सूचना देनी होगी। सभी आगंतुकों के विवरण का रजिस्टर व्यवस्थित करना होगा। अग्निशमन से जुड़े इंतजाम भी अनिवार्य रूप से करने होंगे।